फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदूषण घटाने की पहल: परिवर्तन योजना का दायरा बढ़ेगा, एलएनजी बस-ट्रक भी हो सकते हैं शामिल; क्या होगा फायदा?

Wed, 30 Sep 2026 02:10 PM IST
द बोनस शरद पाण्डेय, बोनस डेस्क, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार की परिवर्तन योजना का दायरा बढ़ सकता है, जिसमें अब इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस वाहनों के साथ एलएनजी बस-ट्रकों को भी शामिल करने पर विचार हो रहा है। इससे प्रदूषण कम होगा और एलएनजी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण - फोटो : Air Pollution
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए लाई गई केंद्र सरकार की परिवर्तन योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस योजना में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), सीएनजी और बीएस वाहनों के साथ-साथ अब एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) वाहनों को भी शामिल करने पर विचार कर रही है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो वाहन मालिकों के साथ-साथ एलएनजी वाहन निर्माताओं को भी इसका बड़ा फायदा मिलेगा।

क्या है परिवर्तन योजना?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शहरों का प्रदूषण कम करने के लिए महत्वकांक्षी परिवर्तन योजना की शुरुआत की है। फिलहाल यह योजना मुख्य रूप से दिल्ली और एनसीआर में लागू है। इस योजना के तहत यह प्रावधान है कि बस और ट्रक ईवी, सीएनजी या बीएस-6 मानक वाले होने चाहिए, और सरकार पुराने वाहनों को बदलने के लिए वाहन मालिकों को प्रोत्साहित कर रही है। भविष्य में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए इसे दूसरे शहरों में भी लागू किया जा सकता है, हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

विज्ञापन


मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक दिल्ली-एनसीआर में 14,000 से अधिक बस और ट्रकों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि अगले महीने यानी अक्टूबर के अंत तक 25,000 पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

लंबी दूरी के भारी वाहनों के लिए खास है एलएनजी 

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने एलएनजी को खासकर लंबी दूरी के भारी ट्रकों और बसों के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक ईंधन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है। नियामक बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में साल 2030 तक 30,000 एलएनजी वाहन होने का अनुमान है, जबकि 2040 तक इनकी संख्या बढ़कर 2 लाख से 5 लाख तक पहुंच सकती है।

एलएनजी वाहन निर्माताओं ने भी इस योजना में शामिल होने को लेकर काफी रुचि दिखाई है। मंत्रालय इस पर पहले विशेषज्ञों और कानूनविदों से राय लेगा, जिसके बाद ही कोई आधिकारिक फैसला किया जाएगा।

एलएनजी उद्योग को मिलेगा बढ़ावा 

नीति आयोग के एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि भारी वाहनों में एलएनजी को बढ़ावा देने के लिए इन्हें ऑटोमोबाइल पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) के दायरे में लाया जाना चाहिए। फिलहाल पीएलआई योजना में एलएनजी वाहन उस तरह से शामिल नहीं हैं जिस तरह ईवी और हाइड्रोजन फ्यूल-सेल वाहन हैं। ऐसे में, यदि सरकार परिवर्तन योजना में एलएनजी को जगह देती है, तो इससे देश में एलएनजी वाहन इंडस्ट्री को एक बड़ा समर्थन मिल सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें