कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लागू 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान सरकारी बैंकों के विलय के बाद बनी इकाई में कामकाज बड़ी चुनौतीपूर्ण होगी। 1 अप्रैल, 2020 को तीन सरकारी बैंकों पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) का विलय होना है। पीएनबी में ओबीसी और यूबीआई के विलय से बनने वाला बैंक एसबीआई के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा।
यूबीआई के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, शर्तों और कोविद-19 के प्रकोप के कारण मौजूदा परिस्थितियों में विलय के बाद बने देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक में प्रभावी तरीके से कामकाज करना एक बड़ी चुनौती होगी। इससे आगे की सभी योजनाएं प्रभावित होंगी। सरकार की ओर से भी इस संबंध में अब तक कोई निर्देश नहीं मिला है।
हालांकि, विलय से जुड़ी जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उधर, तीनों बैंकों के विलय के बाद 1 अप्रैल से यूबीआई और ओबीसी के बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इस योजना के तहत ओबीसी के शेयरधारकों को हर 1,000 शेयरों के बदले पीएनबी के 1,150 शेयर मिलेंगे। वहीं, यूबाआई के 1,000 शेयरों के बदले पीएनबी के 121 शेयर मिलेंगे।