Donal Trump on Renewable Energy: डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में जीत के बाद "पहले दिन" ही अक्षय या नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बंद करने की प्रतिज्ञा की। उनके इस रुख के बाद नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। आइए इस बारे में जानें।
डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में जीत के बाद "पहले दिन" ही अक्षय या नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बंद करने की प्रतिज्ञा की। इससे उद्योग जगत में हड़कंप मच गया और अक्षय ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ट्रम्प ने पवन ऊर्जा कंपनियों के बारे में कहा, "हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि यह पहले दिन ही समाप्त हो जाए।"
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रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी अपतटीय पवन ऊर्जा डेवलपर कंपनी ऑर्स्टेड के शेयरों में ट्रंप के एलान के बाद 14 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जबकि पवन ऊर्जा टरबाइन निर्माता वेस्टास और नॉर्डेक्स में के शेयरों में क्रमशः 11 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
अक्षय ऊर्जा कंपनियों के साथ यह ट्रम्प का पहला विवाद नहीं है; अपने पिछले अभियान में, उन्होंने दावा किया था कि सौर पैनलों को ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए विशाल स्थानों, जैसे पूरे रेगिस्तान की आवश्यकता होती है। हालांकि, सौर ऊर्जा उद्योग संघ के अनुसार, सौर पैनलों के लिए वास्तविक भूमि की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम है, आज अधिकांश उपयोगिता-स्तरीय सौर ऊर्जा संचालन इकाई 600,000 एकड़ से कम जगह लेते हैं।
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यदि ट्रम्प अपने वादे पर अमल करते हैं, तो इसका नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि वह नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए कर क्रेडिट को समाप्त या कम करने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे उद्योग का विकास अवरुद्ध हो सकता है। ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने से ऊर्जा नीति में बदलाव हो सकता है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की तुलना में जीवाश्म ईंधन को प्राथमिकता दी जा सकती है।