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दलाल स्ट्रीट: क्या जियो आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार में पैदा कर पाएगा नया भरोसा? जानें शानदार लिस्टिंग के मायने

Thu, 29 Oct 2026 07:01 PM IST
Navita R Asthana बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • प्राथमिक बाजार में ब्लॉकबस्टर एंट्री और लिस्टिंग के दिन 27 प्रतिशत के तेज उछाल के बाद दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयरों में तेजी का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा।
  • इस अवसर से बाजार में कितनी वैल्यूएशन पैदा होगी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि, कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह से लागू करती है। हालांकि इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
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एनएसई पर जियो आईपीओ की लिस्टिंग के दौरान नीता व मुकेश अंबानी, साथ में एनएसई चेयरमैन आशीष चौहान। - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्राथमिक बाजार में ब्लॉकबस्टर एंट्री और लिस्टिंग के दिन 27 प्रतिशत के तेज उछाल के बाद दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयरों में तेजी का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर कंपनी का शेयर पांच प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए ₹1,482.70 के स्तर पर पहुंच गया।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में गुरुवार को लगातार दूसरे सेशन में बढ़त दिखी। यह बीएसई पर 0.4 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। यह शेयर इंट्राडे ट्रेड में 5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। बीएसई पर शेयर 0.40 परसेंट बढ़कर 1,423.05 रुपये पर बंद हुआ। सेशन के दौरान, शेयर 5.12 परसेंट चढ़कर 1,490 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए।

एनएसई पर, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 0.14 प्रतिशत बढ़कर 1,419.50 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए, जबकि इंट्राडे ट्रेड के दौरान यह 5.09 प्रतिशत चढ़कर 1,489.70 रुपये के उच्च स्तर को छू गया था। इस लाभ से बीएसई पर जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 5,249.15 करोड़ रुपये बढ़कर 13,10,491.13 करोड़ रुपये हो गया।
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दलाल स्ट्रीट पर कंपनी के इस मजबूत प्रदर्शन के बीच प्रमुख विदेशी और घरेलू ब्रोकरेज हाउसों मोतीलाल ओसवाल और एलारा कैपिटल ने शेयर पर 'बाय' रेटिंग की सलाह दे रही हैं।  बाजार विशेषज्ञों का कहना है, इस अवसर से बाजार में कितनी वैल्यूएशन पैदा होगी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि, कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह से लागू करती है। हालांकि इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

क्या यह बाजार और निवेशकों के लिए अच्छा मौका?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेशक रणनीतिकार वी के विजयकुमार कहते हैं, कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर तक पहुंच जाना अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए नकारात्मक है।  अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड में 4.96 प्रतिशत तक की भारी गिरावट और डॉलर के मुकाबले रुपये का मजबूत होकर 94.70 के स्तर पर आना, ऐसे सकारात्मक संकेत हैं जो विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली को काफी हद तक रोक सकते हैं। हालांकि कुछ ऐसे सकरात्मतक संकेत हैं, जिसमें पिछले दोन दिनों में जियो प्लेटफॉर्म्स IPO में आए 3.73 लाख करोड़ रुपये में से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि, अलॉटमेंट पूरा होने के बाद वापस सिस्टम में आने का अनुमान है यह बाजार के लिए अच्छे संकेत हैं। सही वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयर, खासकर वे जो अच्छा विकास कर रहे हैं, धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए खरीदारी के अच्छे अवसर पेश करते हैं।

क्या जियो आईपीओ के बाद बाजार में लौटेगा भरोसा?

पीएल कैपिटल के कार्यकारी निदेशक उदय पाटिल ने बताते हैं, जियो  प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार में निश्चित रूप से एक मील का पत्थर है। यह एक बड़ा भारतीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवसाय है, जिसमें विकास के काफी अवसर मौजूद हैं। जियो के पास 500 मिलियन से अधिक ग्राहक और एक विशाल टेलीकॉम नेटवर्क है। इसके साथ ही, कंपनी के पास ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी, क्लाउड और AI के क्षेत्र में भी बड़े अवसर हैं। प्रति उपयोगकर्ता अधिक राजस्व (ARPU), होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सेवाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म से कमाई की संभावनाएं, भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को और बढ़ावा दे सकती हैं।  इन अवसरों से बाजार में कितनी वैल्यू पैदा होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू करती है। यह निश्चित रूप से एक लॉन्ग-टर्म निवेश है, और हर निवेशक इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया जा सकता है।  

वैल्यूएशन के साथ प्रमुख वित्तीय अनुपातों का आकलन कितना जरूरी?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के वरिष्ठ एनालिस्ट अंटू ईपेन थॉमस कहते हैं, जियो ही नहीं किसी भी आईपीओं के लिए आवेदन करने से पहले, निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और वैल्यूएशन के साथ-साथ प्रमुख वित्तीय अनुपातों का आकलन करना चाहिए। इश्यू का आकार, जुटाई गई रकम का प्रस्तावित उपयोग और प्रबंधन की विश्वसनीयता भी महत्वपूर्ण बातें हैं, जिन पर ध्यान देना चाहिए। बाजार रिपोर्ट का कहना है, शेयर बाजार में 32.5 प्रतिशत से अधिक के लिस्टिंग गेन और 12.5 लाख करोड़ रुपये के विशाल बाजार पूंजीकरण के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स ने मजबूत परिचालन आधार प्रदर्शित किया है। कैपेक्स में कटौती, फ्री कैश-फ्लो में सुधार, टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना और एआई तथा क्लाउड जैसी डिजिटल सेवाओं के विस्तार के दम पर इस शेयर पर दीर्घकालिक दृष्टिकोण से 'बाय' यानी खरीदारी की जा सकती है।

सबसे सस्ते टैरिफ के जरिए टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर कैसे बदली?

केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIL), जो 533 मिलियन सब्सक्राइबर्स (वित्तीय वर्ष 27 की पहली तिमाही तक, स्रोत ट्राई)   के साथ भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, ने दुनिया के सबसे सस्ते टैरिफ के जरिए टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर बदल दी है। इसकी पैरेंट कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स (जेपीएल आईएन), अब इसी रणनीति को कनेक्टिविटी से आगे ले जा रही है। कंपनी सस्ते डेटा को आधार बनाकर, उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का कारोबार खड़ा कर रही है। हालांकि  वित्तीय वर्ष 27 (FY27E) में डिजिटल सर्विसेज का योगदान कुल रेवेन्यू में लगभग 12 प्रतिशत और एबिटा (EBITDA अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट) में लगभग 5 प्रतिशत ही है, लेकिन हमें लगता है कि भविष्य में कंपनी की ग्रोथ के लिए यही सबसे अहम कारक होगा। हमारा अनुमान है कि वित्तीय वर्ष  2030 एस्टिमेटेड तक डिजिटल सर्विसेज से होने वाला रेवेन्यू दोगुना और  एबिटा तीन गुना हो जाएगा, जो कंपनी के मुख्य टेलीकॉम बिजनेस की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ेगा। भारत में डिजिटल सर्विसेज की पहुंच अभी भी कम है (सर्विस कैटेगरी के हिसाब से लगभग 18-40%), जबकि चीन और अमेरिका में यह आंकड़ा लगभग 70 प्रतिशत है।

भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी का बाजार कितना व्यापक?

एचडीएफसी सिक्यूरटी की रिपोर्ट के अनुसरा 30 जून, 2026 तक 1,282.4 मिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ, भारतीय मोबाइल कनेक्टिविटी बाज़ार दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है। इनमें से 1021.4 मिलियन ग्राहक मोबाइल ब्रॉडबैंड का उपयोग करते हैं, जिसने पूरे देश में डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, अभी भी विकास की काफी गुंजाइश है, क्योंकि मोबाइल ब्रॉडबैंड की पहुंच (पेनेट्रेशन) केवल 69.62 प्रतिशत ही है। लोगों की खर्च करने योग्य आय (डिस्पोजेबल इनकम) में वृद्धि, बेहतर होते डिवाइस इकोसिस्टम और नए उपयोग के तरीकों (यूज़ केसेस) के विस्तार से मोबाइल ब्रॉडबैंड को अपनाने की गति तेज होने की उम्मीद है। इससे ग्राहकों की भागीदारी बढ़ेगी और लंबे समय में प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व  में भी वृद्धि होगी।

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