विमानन कंपनियों के चौथी तिमाही में हालत सुधरने लगे हैं। वर्ष की शुरुआत में ही जेट एयरवेज की हालत खस्ता हो जाने के बाद से अब इन कंपनियों को घाटे के बजाए मुनाफा हो रहा है। सोमवार को जहां इंडिगो ने अपने चौथी तिमाही के नतीजों में मुनाफा पांच गुणा बढ़ने की घोषणा की थी, वहीं मंगलवार को स्पाइसजेट ने अपने मुनाफे में 22 फीसदी की घोषणा की है।
स्पाइजेट ने बयान में कहा कि तिमाही के दौरान उसकी परिचालन आय 25 फीसदी बढ़कर 2,477.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,995.04 करोड़ रुपये थी।
पूरे वित्त वर्ष 2018-19 में हालांकि स्पाइसजेट को घाटा हुआ है। वित्त वर्ष के दौरान एयरलाइन को 316.1 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है जबकि 2017-18 में उसे 566.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि आखिरी दो तिमाहियों में एयरलाइन ने शानदार तरीके से वापसी की है। हालांकि, बीते वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में ईंधन की लागत बढ़ने और रुपये में अचानक आई गिरावट से उसे 427.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हमने यह सुधार कई तरह की चुनौतियों के बावजूद दर्ज किया है। मार्च महीने में हमें अपने 13 मैक्स विमानों को खड़ा करना पड़ा।