शेयर निवेशकों को अपनी फंसी राशि जल्द वापस मिल सकेगी। अगर की माने तो सेबी जल्द ही वह इसके लिए कदम उठाने जा रही है।
दरअसल एनएसई और बीएसई में लिस्टेड 8000 कंपनियों की बदौलत देश्ा का श्ाेयर बाजार दुनिया के सभी शेयर बाजारों में अव्वल आता है, लेकिन अधिकांश कंपनियों में कई सालों से कारोबार ही नहीं हो रहा है। इस वजह से कंपनियों में निवेश करने वाले शेयरधारकों का मूलधन फंस गया है।
सेबी अब ऐसी कंपनियों को डीलिस्ट करके इनकी संख्या कम करने के बारे में सोच रही है। ताकि निवेशक उनमें फंसे अपने धन को वापस पा सकें। सेबी प्रमुख यूके सिन्हा ने ऐसी कंपनियों को बाजार के लिए उपद्रव करार देते हुए कहा कि वह इस बारे में जल्द ही कदम उठाने जा रहे हैं। वह कंपनियों से कहेंगे की निवेशकों को सही मूल्य पर एग्जिट ऑप्शन दे।
उन्होंने कहा कि सेबी के नियमों में लिखा है कि वह कंपनियों से एग्जिट ऑप्शन लागू करने को कह सकता है। सेबी के अनुसार इस प्रकार की करीब 3000 कंपनियां हैं जो लिस्टेड तो हैं पर उनमें कारोबार नहीं हो रहा है। वहीं एनएसई और बीएसई में करीब 1200 ऐसी कंपनियां हैं जिनके कारोबार करने पर रोक लगी हुई है।