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Small Savings Schemes: छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, पीपीएफ की दरें 7.1 फीसदी पर बरकरार

Mon, 30 Mar 2026 09:39 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और एनएससी जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। किस योजना पर कितना मिल रहा है रिटर्न और धारा 80C के तहत क्या हैं इसके टैक्स बेनिफिट्स? सुरक्षित निवेश से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए हमारी यह विस्तृत रिपोर्ट अभी पढ़ें।
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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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नई दिल्ली। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (30 जून) के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में दी गई है। सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) सहित विभिन्न योजनाओं पर मौजूदा दरें जारी रहेंगी। यह लगातार आठवीं तिमाही है जब इन दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

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पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 फीसदी और डाकघर बचत जमा पर चार फीसदी बनी रहेगी। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) अप्रैल-जून तिमाही के लिए 7.7 फीसदी ब्याज देना जारी रहेगा। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 फीसदी ब्याज मिलेगा, जो बालिकाओं की शिक्षा और विवाह के लिए है। तीन साल की सावधि जमा पर दर 7.1 फीसदी पर स्थिर है। किसान विकास पत्र 7.5 फीसदी ब्याज देगा, जिसमें निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि ये दरें वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (31 मार्च, 2026) के लिए अधिसूचित दरों के समान हैं। सरकार ने पिछली बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में चुनिंदा योजनाओं पर दरों में संशोधन किया था। ये योजनाएं निवेशकों के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं क्योंकि इन्हें सरकार की संप्रभु गारंटी प्राप्त है।
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प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरें
सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर 7.1 फीसदी ब्याज दर बरकरार रखी गई है। डाकघर बचत जमा पर चार फीसदी ब्याज मिलता रहेगा। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर 7.7 फीसदी ब्याज दर लागू रहेगी। सुकन्या समृद्धि योजना में 8.2 फीसदी ब्याज दर जारी रहेगी। तीन साल की सावधि जमा पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा।

किसान विकास पत्र और एनएससी के लाभ
किसान विकास पत्र एक सरकारी समर्थित छोटी बचत योजना है जो 115 महीनों में पैसे को दोगुना करती है। यह योजना सभी भारतीय निवासियों के लिए डाकघरों या अधिकृत बैंकों के माध्यम से उपलब्ध है। इसमें न्यूनतम एक हजार रुपये का निवेश किया जा सकता है और कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसकी लॉक-इन अवधि ढाई साल है। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) भी डाकघरों के माध्यम से प्रदान किया जाने वाला एक निवेश विकल्प है। इसमें न्यूनतम एक हजार रुपये का निवेश आवश्यक है और लॉक-इन अवधि पांच साल है।

कर लाभ और सुरक्षा
छोटी बचत योजनाएं सभी डाकघरों और प्रमुख बैंकों में उपलब्ध हैं। ये योजनाएं बैंक बचत खातों की तुलना में अधिक ब्याज दर प्रदान करती हैं। इन्हें सरकार की संप्रभु गारंटी के कारण सुरक्षित माना जाता है। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) में आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक के कर लाभ उपलब्ध हैं। सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ जैसी अन्य योजनाएं भी धारा 80सी के तहत कर कटौती के लिए पात्र हैं। इन योजनाओं में निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
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