सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगी आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को चांदी ने एक बार फिर जबरदस्त छलांग लगाई और 15,000 रुपये महंगी होकर इतिहास रच दिया। दिल्ली के बाजार में अब 1 किलो चांदी की कीमत 3 लाख 85 हजार रुपये के 'ऑल-टाइम हाई' पर पहुंच गई है। यह लगातार तीसरा दिन है जब चांदी में इतनी बड़ी तेजी देखी गई है। इससे ठीक एक दिन पहले (मंगलवार को) चांदी के भाव में 40,500 रुपये का भारी उछाल आया था।
सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर
सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने की चमक भी लगातार बढ़ रही है। 99.9% शुद्धता वाला सोना बुधवार को 5,000 रुपये चढ़कर 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया। इससे पहले यह 1.66 लाख रुपये पर बंद हुआ था।
क्यों बेकाबू हो रही हैं कीमतें? जानिए तीन बड़े कारण
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
1. कमजोर डॉलर: अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई है, जिससे बुलियन (सोना-चांदी) की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों ने संकेत दिया है कि वह कमजोर डॉलर के पक्ष में हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा डॉलर से हटकर सोने-चांदी पर बढ़ा है।
2. ब्याज दरों पर नजर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर सबकी नजर है। हालांकि ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन भविष्य में दरों में कटौती की संभावना ने सोने-चांदी की मांग बढ़ा दी है।
3. सुरक्षित निवेश: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी का कहना है कि दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार को लेकर अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी खरीद रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय
शेयरखान के प्रवीण सिंह का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगातार 8वें दिन बढ़त के साथ 5,311 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनीषा चैनानी के मुताबिक, डॉलर की कमजोरी और पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता ने चांदी को 115 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचा दिया है।