आज राष्ट्रीय राजधानी में सोने और चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने की कीमत में 109 रुपये की गिरावट आई और यह 48,183 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पीली धातु पिछले कारोबारी दिन 48,292 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
चांदी की कीमत में भी गिरावट
चांदी की बात करें, तो पिछले कारोबारी सत्र के 65,177 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले आज चांदी का भाव 146 रुपये गिरकर 65,031 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी क्रमश: 1,840.79 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस 25.12 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था।
इसलिए आई गिरावट
इस संदर्भ में एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा कि, 'मजबूत अमेरिकी डॉलर और कमजोर न्यूयॉर्क स्थित कमोडिटी बॉरो (COMEX) से दिल्ली में 24 कैरेट के लिए सोने की कीमतों में 109 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई।'
बीते साल 35 फीसदी से अधिक घटी सोने की मांग
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसदी से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ती सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में इस साल 2021 में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद है।
कोविड-19 के चलते प्रभावित हुई आभूषणों की मांग
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में भारत की सोने की मांग 35.34 फीसदी घटकर 446.4 टन रह गई, जो 2019 में 690.4 टन थी। डब्ल्यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार बीते साल मूल्य के हिसाब से सोने की मांग में 14 फीसदी की गिरावट आई और यह घटकर 1,88,280 करोड़ रुपये रह गई। 2019 में मूल्य के हिसाब से सोने की मांग 2,17,770 करोड़ रुपये रही थी। इस बीच, 2020 में आभूषणों की कुल मांग मात्रा के हिसाब से 42 फीसदी घटकर 315.9 टन रह गई, जो 2019 में 544.6 टन रही थी। मूल्य के हिसाब से यह 22.42 फीसदी घटकर 1,33,260 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले साल 1,71,790 करोड़ रुपये रही थी। कोविड-19 की वजह से लागू अंकुशों के चलते आभूषणों की मांग प्रभावित हुई।