हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय बाजार गुलजार रहा। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में सुधार के बीच वित्तीय, दूरसंचार और प्रौद्योगिकी शेयरों में सौदेबाजी से पिछले तीन सत्रों की गिरावट के बाद घरेलू बाजार में हरियाली आई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और ईरान के साथ अमेरिकी वार्ता की संभावना के कारण इक्विटी सूचकांक में तेजी आई। इन संभावनाओं ने सैन्य कार्रवाई का जोखिम कम किया, इससे कच्चे तेल की कीमतों में सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि व्यापक बाजार में वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में तेज गिरावट आई। साथ ही, फाइनेंस, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में अच्छी खरीदारी देखी गई है। निवेशकों को उम्मीद है कि दरों में कटौती, महंगाई में कमी और उपभोक्ता खर्च में तेजी के कारण वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में बेहतर नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, नेस्ले, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, इटरनल और एचडीएफसी बैंक सर्वाधिक लाभ में रहे। इसके विपरीत मारुति एकमात्र पिछड़ी कंपनी थी।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। मध्य सत्र के कारोबार में यूरोप के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को जूनटीन्थ अवकाश के कारण बंद रहे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि विदेशी निवेशकों की ओर से कैश सेगमेंट में लगातार खरीदारी भी बाजार को मजबूती देती रही। मिश्रा ने कहा कि किसी भी प्रमुख घरेलू घटना के अभाव में वैश्विक बाजार धारणा को दिशा देते रहेंगे।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.93 प्रतिशत गिरकर 77.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 934.62 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 605.97 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 82.79 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 81,361.87 पर बंद हुआ। निफ्टी 18.80 अंक या 0.08 प्रतिशत गिरकर 24,793.25 पर बंद हुआ।