घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को मजबूती दिखी। सुबह 11 बजकर 54 मिनट पर सेंसेक्स 1,208.25 (1.66%) अंकों की बढ़त के साथ 73,990.14 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 350.05 (1.55%) अंक उछलकर 22,972.75 पर पहुंच गया। प्रमुख कंपनियों में टीसीएस के शेयरों में 2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के शेयर भी 1 फीसदी ऊपर चढ़े।
बुधवार को आई गिरावट के बाद हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में मजबूत लिवाली और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई नरमी के दम पर दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही तेजी के साथ खुले।
भारतीय बाजार में इस अचानक सुधार के पीछे दो मुख्य कारक काम कर रहे हैं। पहला, आईटी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में आई तगड़ी खरीदारी और दूसरा, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में दर्ज की गई गिरावट।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हुई बिकवाली का भारतीय बाजार को अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है। जिओजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) जो अब तक भारतीय शेयरों में बिकवाली करके अमेरिकी एआई शेयरों में पूंजी लगा रहे थे, वे एआई शेयरों में आई गिरावट के बाद इस रुझान को रोक सकते हैं या अनुकूल परिस्थितियों में इसे उलट भी सकते हैं।
एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को 1,857.44 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। वहीं, आईटी कंपनियों के सकारात्मक नतीजों और सेक्टर के प्रति बने सेंटीमेंट से भारतीय आईटी इंडेक्स में मजबूती बनी रहने का अनुमान है।
एक तरफ जहां भारतीय बाजारों में रिकवरी देखी जा रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय संकेत काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। अमेरिका में महंगाई दर अनुमान से ज्यादा रही है।
बाजार में कौन से शेयर चमके और किनमें दर्ज हुई गिरावट?
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी महंगाई दर में वृद्धि और एशियाई बाजारों में मंदी का दबाव बना हुआ है, लेकिन क्रूड ऑयल के घटते दाम और एआई शेयरों में वैश्विक बिकवाली से एफआईआई का भारतीय बाजारों की ओर संभावित झुकाव एक सकारात्मक पहलू है। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का फ्लो और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे।