हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने एक मजबूत शुरुआत की। सुबह 9:28 बजे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह शुरुआती तेजी निवेशकों के बीच सकारात्मक धारणा को दर्शाती है। सेंसेक्स, जो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक है, 71,997.37 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसमें 404.13 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो 0.56 फीसदी का उछाल है। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी ने भी 22,363.55 पर कारोबार शुरू किया। इसमें 131.75 अंकों की बढ़त रही, जो 0.59 फीसदी की वृद्धि है।
कल की भयंकर गिरावट के बाद आज सुबह भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 338 अंक उछलकर 71,930 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी करीब 91 अंक चढ़कर 22,323 के पार निकल गया। बाजार में यह बढ़त मुख्य रूप से 'शॉर्ट कवरिंग' यानी कल की भारी बिकवाली के बाद कम कीमतों पर हुई खरीदारी की वजह से आई है। आसान शब्दों में कहें तो जब बाजार बहुत ज्यादा गिर जाता है, तो कुछ समय के लिए उसमें एक प्राकृतिक सुधार या रिकवरी आती है, आज भी ठीक वैसा ही हो रहा है।
इस मामूली रिकवरी की सबसे बड़ी वजह यह है कि कल की गिरावट के बाद भारतीय बाजार 'ओवरसोल्ड जोन' यानी जरूरत से ज्यादा बिकवाली के दायरे में आ गए थे। जब शेयर बहुत ज्यादा सस्ते हो जाते हैं, तो घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) और ट्रेडर खरीदारी का मौका ढूंढने लगते हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में कल के मुकाबले हल्की नरमी आने से भी घरेलू बाजार को थोड़ा सहारा मिला है।
बाजार भले ही आज हरे निशान में तैर रहा है, लेकिन इसका आगे का रास्ता कांटों भरा है। इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं:
आम निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिए? बाजार के जानकारों का मानना है कि आज की यह तेजी एक 'तकनीकी उछाल' है, इसे एक स्थाई सुधार नहीं माना जा सकता। जब तक वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें शांत नहीं होतीं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। ऐसे में छोटे निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा पैसा लगाने से बचना चाहिए। अभी चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही नजर रखना सबसे समझदारी भरा कदम होगा।