मंगलवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए थोड़ी सुस्त और चुनौतीपूर्ण रही। शुरुआती कारोबार में ही बाजार अपनी बढ़त खोते हुए लाल निशान में फिसल गया।मंगलवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में सुस्ती छाई रही, क्योंकि हालिया तेजी के बाद निवेशक बाजार से दूर रहे। एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों और विदेशी निधियों की नई निकासी के कारण भी शुरुआती कारोबार के दौरान शेयरों में सुस्ती दिखी।
आज बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी का क्या हाल रहा?
वेदांता के शेयरों में छह प्रतिशत की भारी गिरावट क्यों आई?
आज बाजार में वेदांता के शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रही। कंपनी के शेयरों में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई, जिसके तहत 292 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 7.3 करोड़ शेयरों की खरीद-बिक्री की गई। इस बड़े सौदे (ब्लॉक डील) का कुल मूल्य 2,149 करोड़ रुपये रहा। इस ब्लॉक डील के खबर में आते ही वेदांता के शेयरों में 6% की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
ग्लोबल मार्केट और कूटनीतिक वार्ताओं का बाजार पर क्या असर पड़ रहा है?
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। कोस्पी में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.49 प्रतिशत गिरकर 77.53 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति क्या है?
करेंसी मार्केट में भी आज हल्की सुस्ती देखने को मिली। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली कमजोरी के साथ 94.69 के स्तर पर खुला। गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 94.6775 के स्तर पर बंद हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर समाप्त हुआ।
कुल मिलाकर, आज भारतीय बाजार घरेलू कारकों और कुछ बड़ी ब्लॉक डील्स के दबाव में हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सकारात्मक कूटनीतिक प्रगति और कच्चे तेल में नरमी भारतीय बाजार के लिए लंबी अवधि में एक मजबूत ढाल का काम कर सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच ग्लोबल संकेतों पर भी अपनी नजर बनाए रखें।