पश्चिम एशिया संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों में आई तेजी के कारण गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इक्विटी सूचकांकों में तेजी देखी गई। कारोबार के दौरान 10: 35 बजे तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 228.60 अंक या 0.30% चढ़कर 75,546.99 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 105.45 अंक या 0.45% बढ़कर 23,764.45 पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 327.74 अंक चढ़कर 75,646.13 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 111.75 अंक बढ़कर 23,772.05 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो और इटरनल प्रमुख विजेताओं में शामिल थीं। पिछड़ने वाली कंपनियों में ट्रेंट, इंफोसिस, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व शामिल थीं।
एशियाई बाजारों में दिखी तेजी
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक मामूली रूप से नीचे था। कोस्पी में सात प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बुधवार को अमेरिकी बाजार काफी तेजी के साथ बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि आज सुबह ब्रेंट क्रूड का घटकर 106 अमेरिकी डॉलर होना एक सकारात्मक संकेत है। शायद बाजार राष्ट्रपति ट्रम्प के इस बयान से संकेत ले रहा है कि 'संघर्ष जल्द ही समाप्त हो जाएगा और तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में गिरावट आई और यह 105.7 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि निवेशकों का मनोबल काफी हद तक सुधरा है क्योंकि बाजार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और संभावित राजनयिक समाधान की संभावना को ध्यान में रखते हुए कीमतें तय करने लगे हैं।