शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और अमेरिकी बाजारों के मजबूत रुझानों ने बाजार को सहारा दिया। सुबह के कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 451 अंक से अधिक उछल गया।
शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। यह चार साल से अधिक समय में पहली बार हुआ है। तेल विपणन कंपनियों के शेयर दो फीसदी से अधिक गिर गए। वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से ईंधन खुदरा विक्रेताओं को नुकसान हो रहा था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे-छोटे चरणों में वृद्धि करके लागत-जनित मुद्रास्फीति को बढ़ने से रोक रही है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड एक फीसदी से अधिक बढ़कर 107.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं, शंघाई का एसईई कंपोजिट सूचकांक हरे निशान में था। गुरुवार को अमेरिकी बाजार लगभग एक फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 187.46 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 684.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह जानकारी एक्सचेंज के आंकड़ों से मिली है। पिछले कारोबारी सत्र में, गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 789.74 अंक उछलकर 75,398.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 277 अंक चढ़कर 23,689.60 पर समाप्त हुआ था। लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी जारी रही।