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Sensex Opening Bell: मंगलवार को भी शेयर बाजार में 'अमंगल'; सेंसेक्स नौ महीने के निचले स्तर पर, IT शेयर 1% टूटे

Tue, 04 Mar 2025 09:49 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sensex Opening Bell: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 347.07 अंक गिरकर 72,738.87 पर और निफ्टी 109.85 अंक गिरकर 22,009.45 पर कारोबार करता दिखा। शेयर बाजार में मंगलवार को मंगल होता नहीं दिख रहा है। सेंसेंक्स इस दौरान अपने नौ महीने के निचले स्तर पर चला गया। आइए जानते हैं बाजार का विस्तृत हाल।
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शेयर बाजार में गिरावट - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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मंगलवार को भी शेयर बाजार में 'अमंगल' का माहौल है। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक फिसलते नजर आ रहे हैं। इस दौरान आईटी शेयर 1% तक टूट गए हैं। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 347.07 अंक गिरकर 72,738.87 पर और निफ्टी 109.85 अंक गिरकर 22,009.45 पर कारोबार करता दिखा। मंगलवार के कारोबार सत्र में सेंसेक्स अपने नौ महीने (04 जून 2024) के बाद अपने निचले स्तर पर पहुंच गया।

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मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटी क्षेत्र शेयरों पर दबाव दिखा। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से उनकी प्रस्तावित टैरिफ योजना पर आगे बढ़ने की पुष्टि के बाद एशियाई बाजारों में गिरावट दिखी। इसका असर भारतीय शेयरों पर भी पड़ा।

रुपया डॉलर के मुकाबले आठ पैसे कमजोर हुआ

विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और मौजूदा तरलता घाटे के कारण मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे गिरकर 87.40 पर आ गया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने के कारण जारी अनिश्चितता ने वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मचा दी है। इसके अलावा, टैरिफ अराजकता ने अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता और अनिश्चितता पैदा कर दी है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 87.38 पर खुला और फिर गिरकर 87.40 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 8 पैसे की गिरावट दर्शाता है। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की बढ़त के साथ 87.32 पर बंद हुआ।

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार में बढ़ा तनाव

इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 106.61 पर था। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच आई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.17 डॉलर प्रति बैरल पर बोला गया।

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घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 175.61 अंक या 0.24 प्रतिशत गिरकर 72,910.33 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 61.55 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,057.75 पर था।

टैरिफ पर ट्रंप किसी रियायत के मूड में नहीं, अमेरिकी सूचकांक भी टूटे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज, 4 मार्च को टैरिफ लागू करने का फैसला किया है और वे इस पर कोई रियायत देने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कल कहा कि इसी तारीख से मेक्सिको और कनाडा पर 25 प्रतिशत और चीन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा। लेकिन ट्रंप के इस कड़े रुख से अमेरिकी बाजारों में हड़कंप मच गया।

कल 1100 अंकों की भारी उठापटक के बीच डाओ 650 अंक गिरकर डेढ़ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक 500 अंक टूटकर 4 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 में ढाई महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसका असर सुबह एशियाई बाजारों में भी देखा गया। GIFT निफ्टी 163 अंक फिसलकर 22096 के पास चल रहा था। डाओ फ्यूचर्स 50 अंक ऊपर था। निक्केई 600 अंक गिरा था।

बाजार में गिरावट पर जानकारों की क्या है राय?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "अगर चीनी सरकार की नई पहलों को एफआईआई से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो इसका मतलब है कि भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ेगा और हैंग सेंग एक्सचेंज के जरिए चीनी शेयरों में और अधिक पैसा आएगा।" हालांकि जानकारों का मानना है कि भारतीय शेयरों, विशेष रूप से मिड और स्मॉल-कैप के उच्च मूल्यांकन के कारण एफआईआई भले ही बिकवाली करें लेकिन, हालांकि, अच्छी बात यह है कि भारत में लार्ज-कैप का उचित मूल्यांकन है, जो इस सेगमेंट में खरीदारी को आगे भी आकर्षित करना जारी रख सकता है।

कब लौट सकती है बाजार में खरीदारी?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "जीडीपी के ताजा आंकड़े संकेत देते हैं कि भारत में आर्थिक वृद्धि फिर से बढ़ रही है। अगर कॉरपोरेट आय भी इसी तरह बढ़ती है तो बाजार में उछाल आएगा और एफआईआई के एक बार फिर खरीदार बनने सकते हैं।" कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (तकनीकी अनुसंधान) अमोल अठावले ने कहा कि अल्पकालिक कारोबारियों के लिए निफ्टी और सेंसेक्स के लिए क्रमश: 22,200 और 73,500 महत्वपूर्ण स्तर होंगे।

एलआईसी की इक्विटी होल्डिंग्स में 1.45 लाख करोड़ रुपये की गिरावट

भारत के सबसे बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को बाजार में जारी गिरावट के बीच बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। वर्ष 2025 के दो महीनों में इसकी इक्विटी होल्डिंग्स के मूल्य में 1.45 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई है।

एलआईसी के अच्छी तरह से विविधतापूर्ण 310 शेयरों का पोर्टफोलियो दिसंबर 2024 में अपने 14.9 लाख करोड़ रुपये के स्तर से घटकर फरवरी के अंत में 13.4 लाख करोड़ रुपये रह गया है। यह हाल के वर्षों में एलआईसी की होल्डिंग्स में आई सबसे बड़ी गिरावट है।

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