बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी आई। यह वैश्विक बाजारों में आई तेजी को दर्शाता है, क्योंकि अमेरिका में उम्मीद से कमजोर मुद्रास्फीति रिपोर्ट ने फेड ब्याज दरों में कटौती की संभावना को फिर से जगा दिया है। साथ ही अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की संभावनाओं और नए विदेशी पूंजी प्रवाह ने भी बाजार की आशा को बढ़ाया।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और एनटीपीसी प्रमुख लाभ में रहीं। वहीं इंफोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस पिछड़ गए।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग तेजी से ऊपर कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि वैश्विक बाजार का रुख तेजी का है। डाउ जोंस, निक्केई और कोस्पी के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने से धारणा सकारात्मक है। वैश्विक स्तर पर, व्यापार तनाव में कमी के संकेत मिल रहे हैं।
मेहता लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) प्रशांत तापसे ने कहा कि अमेरिका में मुद्रास्फीति की उम्मीद से कम रिपोर्ट ने फेड ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की संभावना और भारतीय आयातों पर अमेरिका द्वारा टैरिफ में 15-16 प्रतिशत की कटौती की संभावना से आशावाद में और वृद्धि हुई है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.23 प्रतिशत बढ़कर 66.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 621.51 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 344.52 अंक या 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,211.88 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 96.25 अंक या 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,795.15 पर बंद हुआ।