मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, कारोबारियों ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद से भी निवेशकों की धारणा को बल मिला।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटरनल, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट लाभ में रहीं। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, एशियन पेंट्स, आईटीसी, सन फार्मास्यूटिकल्स और ट्रेंट लिमिटेड पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जल्द ही अंतिम रूप लेने की खबर और एग्जिट पोल में बिहार में एनडीए की निर्णायक जीत के संकेत मिलने से बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। इससे बाजार में तेजी तो आएगी, लेकिन यह बाजार में निर्णायक बढ़त और लगातार तेजी के लिए पर्याप्त नहीं है।
व्यापक एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का निक्केई 225 और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी बाजार रात भर के सौदों में काफी हद तक बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.23 प्रतिशत घटकर 65.01 डॉलर प्रति बैरल रह गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 803.22 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,188.47 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।