भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को उठा-पटक का दौर जारी है। विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिका द्वारा संभावित शुल्क वृद्धि को लेकर नई चिंताओं के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पिछले चार दिनों में, बीएसई बेंचमार्क 1,581.05 अंक या 1.84 प्रतिशत गिर गया है, और निफ्टी 451.7 अंक या 1.71 प्रतिशत गिर गया है।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एनटीपीसी, अदानी पोर्ट्स, सन फार्मा और ट्रेंट सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, इटरनल, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एशियन पेंट्स लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि पिछले कारोबारी दिन की भारी बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजार आज सतर्कता के माहौल में प्रवेश कर रहे हैं। वैश्विक व्यापार संबंधी अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों की भावना पर दबाव बना हुआ है, जिससे जोखिम लेने की प्रवृत्ति कमजोर बनी हुई है।
वॉल स्ट्रीट में मिले-जुले रुझान के बाद शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजार में अधिकतर तेजी देखी गई, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रक्षा खर्च बढ़ाने की बात से सैन्य-संबंधी शेयरों में उछाल आया। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.53 प्रतिशत बढ़कर 62.32 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,701.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
गुरुवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। पिछले दिन सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,180.96 पर बंद हुआ। निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,876.85 पर आ गया।