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The Bonus Market Update: बाजार में गिरावट का दौर जारी; सेंसेक्स 50 अंक से अधिक लुढ़का, निफ्टी 24,250 के नीचे

Fri, 21 Aug 2026 09:45 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 21 अगस्त को गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 50 अंक से अधिक गिरा, जबकि निफ्टी 24,250 के नीचे आ गया। वॉल स्ट्रीट में नुकसान और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर दिखा। आईटी शेयरों में भी गिरावट आई।
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शेयर बाजार में बिकवाली - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारतीय शेयर बार में शुक्रवार, 21 अगस्त को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 50 अंक से अधिक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी भी 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। यह गिरावट वॉल स्ट्रीट में रात भर के नुकसान और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई। आईटी शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया।

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गुरुवार, 20 अगस्त को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने सात सत्रों की लगातार गिरावट को रोका था। हालांकि, शुक्रवार को बाजार इस सुधार को बनाए रखने में संघर्ष करता दिखा। सुबह 09:33 बजे सेंसेक्स 77,486.07 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसमें 51.65 अंक या 0.06 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 भी 24,219.20 अंक पर था। इसमें 12.65 अंक या 0.05 फीसदी की कमी आई।

बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार की गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण रहे। पहला, अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट में पिछली रात हुई भारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर पड़ा। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इन वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

गुरुवार को बाजार ने कैसा प्रदर्शन किया था?

गुरुवार, 20 अगस्त को घरेलू इक्विटी बाजार में उछाल देखा गया था। निफ्टी में 0.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। इस दिन भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने सात सत्रों से चली आ रही गिरावट की श्रृंखला को तोड़ा था। निवेशकों ने निचले स्तरों पर मूल्य खरीदारी की थी। इससे बाजार को कुछ राहत मिली थी।

आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है?

विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय बाजार सीमित दायरे में रह सकते हैं। हालांकि, हल्की सुधार की संभावना भी बनी हुई है। सात लगातार सत्रों की गिरावट के बाद मूल्य खरीदारी इसका समर्थन कर सकती है। मजबूत वैश्विक संकेत भी बाजार को सहारा दे सकते हैं। व्यापक बाजार के रुझान और क्षेत्र-विशिष्ट अवसर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पर ध्यान देना जरूरी होगा।

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