आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स मजबूत होकर खुले और मजबूत बंद हुए। निफ्टी 112.15 अंको की बढ़त के साथ 15,834.35 पर बंद हुआ वहीं सेंसेक्स में भी 395.33 अंकों की तेजी के साथ 52880 पर बंद हुआ। बैंक, फाइनेंशियल, आटो और रियल्टी सेक्टर में अच्छी खरीददारी रही है।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक का शेयर सबसे अधिक 1.92 प्रतिशत चढ़ा। टाटा स्टील, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी लाभ में रहे। मूल्य के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक एचडीएफसी तथा आईसीआईसीआई बैंक ने बाजार की बढ़त में मुख्य योगदान दिया।
वहीं दूसरी ओर टेक महिंद्रा, डॉ. रेड्डीज, एचसीएल टेक, टाइटन, भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा के शेयर 1.34 फीसदी तक टूट गए। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक बाजारों के मिलेजुले रुख के बावजूद स्थानीय बाजार लाभ में रहे। विनिर्माण पीएमआई में गिरावट के अनुरूप जून महीने में देश का सेवा क्षेत्र का पीएमआई भी घटकर 41.2 पर आ गया। यह मई में 46.4 था। इसका बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
नायर ने कहा कि अमेरिका के मजबूत रोजगार के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अर्थव्यवस्था स्थिर रफ्तार से सुधर रही है। इससे फेडरल रिजर्व द्वारा उम्मीद से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता कम हुई है। देश की सेवा क्षेत्र की गतिविधियां मई की तुलना में जून में और नीचे आई हैं। सेवा पीएमआई मई के 46.4 से 41.2 पर आ गया है। जुलाई, 2020 से उत्पादन तेजी से घटने की वजह से कंपनियों को अपने कर्मचारियों की संख्या कम करनी पड़ी है।
रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा कि अंकुशों में ढील के बाद कारोबारी धारणा में सुधार से बाजारों को राहत मिली है। हालांकि, विभिन्न राज्यों में कोविड-19 के मामले कुछ बढ़ने से निकट भविष्य में चिंता की स्थिति बन सकती है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.78 फीसदी का लाभ रहा।
अन्य एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कम्पोजिट तथा दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में लाभ रहा। वहीं हांगकांग के हैंगसेंग तथा जापान के निक्की में गिरावट आई।भारतीय समयानुसार दोपहर में खुलने वाले यूरोपीय बाजारों में शुरू में मिलाजुला रुख था।
शेयर बाजारों के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 982.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 76.44 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये में चार दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया। रुपया 43 पैसे की बढ़त के साथ 74.31 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।