भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को चौतरफा खरीदारी के चलते शानदार रौनक देखने को मिली। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में आई भारी लिवाली और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के कारण दोनों मुख्य घरेलू सूचकांक रिकॉर्ड मजबूती के साथ बंद हुए।
इस सुधार और तेजी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट रही। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गईं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में यह गिरावट घरेलू बाजार के लिए राहत लेकर आई है। तेल सस्ता होने से विभिन्न उद्योगों की लागत घटने की उम्मीद जगी, जिससे निवेशकों का भरोसा बाजार पर बढ़ा और लिवाली शुरू हो गई।
गुरुवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर बाजार की तेजी का सबसे बड़ा अगुआ साबित हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.5 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ, जो पूरे बाजार का सबसे शानदार प्रदर्शन था। इसके बाद निफ्टी मिडकैप आईटी इंडेक्स में भी जोरदार खरीदारी देखी गई। व्यक्तिगत शेयरों में आईटी दिग्गज एचसीएल टेक का शेयर 5 प्रतिशत की शानदार उछाल के साथ सबसे आगे रहा, जबकि बजाज फिनसर्व के शेयरों में भी तीन प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
गुरुवार को बाजार का सेक्टोरल रुझान बेहद सकारात्मक और व्यापक रहा। आईटी के अलावा अन्य प्रमुख सेक्टर्स ने भी बाजार की इस रैली में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
घरेलू बाजार की इस तेजी को मजबूत वैश्विक संकेतों से भी अच्छा सहारा मिला। दुनिया के प्रमुख बाजारों में सकारात्मक रुझान देखा गया:
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी सेक्टर में मजबूत संस्थागत खरीदारी इस बात का संकेत दे रही है कि बाजार अपनी पिछली सुस्ती से उबर रहा है। आईटी कंपनियों में लिवाली का यह दौर दर्शाता है कि निवेशकों को टेक सेक्टर की वैल्यूएशन पर पूरा भरोसा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी रहती हैं, तो आगामी कारोबारी सत्रों में भी बाजार अपनी बढ़त का सिलसिला कायम रख सकता है।