निवेशकों की सतर्कता के कारण अंतिम क्षणों में की गई बिकवाली और किसी बड़े उत्प्रेरक के अभाव के कारण सोमवार को बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती बढ़त गंवाकर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 331.21 अंक या 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,900.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 521.81 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 84,710.11 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 108.65 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,959.50 अंक पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स प्रमुख रूप से पिछड़े रहे। वहीं, टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, इंफोसिस, अदानी पोर्ट्स, सन फार्मा और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में लाभ रहा।
एशियाई बाजारों में, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुआ। जापान में शेयर बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। यूरोप के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एक सीमित दायरे में सकारात्मक कारोबार के बाद, बाजार सोमवार की समाप्ति के कारण अंतिम आधे घंटे में गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि निफ्टी-50 सूचकांक 26,000 की प्रमुख सीमा से ऊपर नहीं टिक सके। अंतरिम अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में देरी जैसी प्रमुख घटनाओं के जोखिम की आशंका में निवेशकों का रुझान सतर्क रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.98 प्रतिशत गिरकर 61.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,766.05 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,161.61 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 400.76 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 85,231.92 पर बंद हुआ। निफ्टी 124 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 26,068.15 पर बंद हुआ।