विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के कारण शुक्रवार को बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 94.73 अंक या 0.11 प्रतिशत गिरकर 83,216.28 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 640.06 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 82,670.95 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 17.40 अंक या 0.07 प्रतिशत गिरकर 25,492.30 अंक पर बंद हुआ।
प्रमुख विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे टूटकर 88.65 (अनंतिम) पर आ गया।
ये भी पढ़ें: US: 'भारत को रूसी तेल आयात करने से रोकना एक कूटनीतिक कदम', अमेरिका के वाणिज्य मंत्री ने टैरिफ का किया बचाव
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल में 4.46 प्रतिशत की गिरावट आई। सिंगटेल ने कहा कि उसने कंपनी में करीब 0.8 प्रतिशत हिस्सेदारी 10,353 करोड़ रुपये में बेच दी है। टेक महिंद्रा, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी भी पिछड़ने वालों में शामिल रहे। वहीं, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व लाभ में रहे।
यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार काफी गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 64.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.31 प्रतिशत बढ़कर 64.21 डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 3,263.21 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,283.91 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
गुरुवार को सेंसेक्स 148.14 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 83,311.01 पर बंद हुआ। निफ्टी 87.95 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 25,509.70 पर बंद हुआ।