अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और ताजा विदेशी पूंजी प्रवाह के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी देखने को मिली। इस बीच
सेंसेक्स की कंपनियों में अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, सन फार्मा, ट्रेंट और एशियन पेंट्स प्रमुख लाभ में रहे। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति पिछड़ने वालों में शामिल रहे।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार ज्यादातर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेतों और वैश्विक व्यापार गतिशीलता पर बेहतर स्पष्टता के समर्थन से घरेलू बाजार मजबूत रुख के साथ बंद हुआ। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में संभावित प्रगति को लेकर आशावाद ने धारणा को और मजबूत किया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.23 प्रतिशत बढ़कर 64.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 10,339.80 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। मंगलवार को सेंसेक्स 150.68 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 84,628.16 पर बंद हुआ। निफ्टी 29.85 अंक या 0.11 प्रतिशत गिरकर 25,936.20 पर बंद हुआ।