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द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स 500 अंक से अधिक गिरा, निफ्टी 22450 के नीचे; जानिए बाजार का हाल

Mon, 26 Oct 2026 09:35 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़का, जबकि निफ्टी 22,450 के नीचे बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में तीन फीसदी तक की गिरावट आई। वैश्विक बाजारों का हाल भी मिला-जुला रहा।
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सेंसेक्स ओपनिंग बेल - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़ककर 72,587.53 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी भी 185.05 अंक गिरकर 22,414.95 के स्तर पर आ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले तीन पैसे गिरकर 94.96 पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इससे बाजार में सुधार की गुंजाइश सीमित हो गई।

प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50, 22,524.40 अंक पर खुला, जिसमें 75.60 अंक या 0.33 फीसदी की गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 72,990.04 अंक पर खुला, यह 133.79 अंक या 0.18 फीसदी नीचे रहा। खुलने के तुरंत बाद दोनों सूचकांकों में और गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट कच्चा तेल 114.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति की चिंताओं के कारण यह पिछले सप्ताह की तुलना में ऊंचे स्तर पर बना रहा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में मामूली नरमी के बावजूद मौजूदा स्तर बाजार के सुधार को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों को निकट भविष्य में सूचकांक स्तरों की चिंता न करने की सलाह दी।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें क्यों बनीं चुनौती?

विजयकुमार ने बताया कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 115 डॉलर से नीचे आने के बावजूद बहुत अधिक हैं। यह निफ्टी के पिछले शुक्रवार के 22600 के निचले स्तर से किसी भी तेजी को रोकेगा। उनका ध्यान इस गिरावट से उभरे वैल्यू बाय पर होना चाहिए। उन्होंने उच्च कच्चे तेल की कीमतों के व्यापक प्रभाव के प्रति सावधानी बरतने को कहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट का क्या कारण?

विजयकुमार के अनुसार मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट को उजागर किया। उन्होंने व्यापक बाजार में तेज गिरावट का कारण मार्जिन-फंडेड ट्रेडों का जबरन परिसमापन बताया। बाजार के अनुभव से एक महत्वपूर्ण सबक यह है कि मूल्यांकन बहुत उच्च स्तर पर पहुंचने पर औसत की ओर वापसी अपरिहार्य है। व्यापक बाजार अभी भी ओवरवैल्यूड है। हालांकि, इस तेज गिरावट से उच्च-वृद्धि वाले खंडों में अवसर खुलेंगे।

अन्य बाजारों का क्या रहा हाल?

एनएसई पर क्षेत्रीय कारोबार में अधिकांश प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। निफ्टी आईटी, रियल्टी और ऑटो जैसे क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, निफ्टी मीडिया, फार्मा और प्राइवेट बैंक में बढ़त रही। कोटक बैंक और डॉ रेड्डीज शीर्ष लाभ पाने वाले शेयरों में थे, जबकि इंफोसिस और एचसीएल टेक शीर्ष नुकसान पाने वाले शेयरों में शामिल थे। सोने के दाम 1,42,431 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मामूली बढ़त के साथ खुले, चांदी में भी तेजी रही। अन्य एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखा गया, जहां जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया के सूचकांक गिरे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग चढ़ा।

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