गुरुवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने राहत की सांस ली। कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा रहा और सेंसेक्स और निफ्टी कई बार बढ़त और गिरावट के बीच झूलते रहे। हालांकि, दिन के अंत में खरीदारी हावी रही। सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.42% की बढ़त के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 77.41 अंक यानी 0.34% चढ़कर 23,140.50 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को बाजार की मजबूती से जोड़कर देखा गया।
बाजार में आज तेजी क्यों लौटी?
गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को निवेशकों ने कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की। कारोबार के दौरान बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन अंत में प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा खरीदारी दिखी?
सेक्टोरल प्रदर्शन मिला-जुला रहा।कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टीसबसे मजबूत क्षेत्रों में रहे। इसके अलावा प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल्स और मीडिया से जुड़े शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली।
दूसरी ओर, हेल्थकेयर, सीमेंट और व्यापक फाइनेंशियल सर्विसेज के कुछ हिस्सों में कमजोरी रही। फार्मा, केमिकल्स, ऑयल और आईटी शेयरों में भी चुनिंदा बिकवाली देखने को मिली।
एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स ने कितना सहारा दिया?
शुक्रवार के कारोबार में एक्सिस बैंक प्रमुख तेजी वाले शेयरों में रहा और करीब 3% चढ़ा। वहीं एशियन पेंट्स में लगभग 2% की बढ़त दर्ज हुई। इन जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का क्या हुआ?
बड़े सूचकांकों में तेजी के बावजूद व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह मजबूत नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर खासा दबाव दिखाई दिया। इसका मतलब है कि बाजार में खरीदारी व्यापक स्तर पर नहीं थी और निवेशक चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाते नजर आए।
ग्लोबल मार्केट से क्या संकेत मिले?
वैश्विक बाजारों से शुक्रवार को अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत मिले। स्टॉक्स यूरोप 600 में 0.7% की तेजी रही। अमेरिकी बाजार के वायदा कारोबार में एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.2%, नैस्डेक 100 फ्यूचर्स 0.4% और डाऊ जोंस फ्यूचर्स 0.1% ऊपर थे। एशिया में एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.5% चढ़ा, जबकि एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स लगभग स्थिर रहा।
आगे बाजार के लिए क्या मायने रखता है?
शुक्रवार की तेजी ने गुरुवार की तेज गिरावट के बाद कुछ राहत जरूर दी, लेकिन बाजार में ऊंची अस्थिरता बनी हुई है। सेक्टरों और शेयरों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर भी दिखा। इसलिए आगे के कारोबार में वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू स्तर पर चुनिंदा सेक्टरों में निवेशकों की गतिविधि बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।