फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

द बोनस मार्केट अपडेट: घरेलू शेयर बाजार में बढ़त; सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा, निफ्टी 23200 के ऊपर

Wed, 16 Sep 2026 04:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

घरेलू शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता दिखा। आइए जानते हैं बाजार का हाल विस्तार से।
विज्ञापन
सेंसेक्स क्लोजिंग बेल - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को सेंसेक्स 332.63 अंक यानी 0.45 फीसदी बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 99.00 अंक यानी 0.43 फीसदी चढ़कर 23,217.60 पर पहुंच गया। 

विज्ञापन


एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध आधार पर 2,977.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू बाजार में तेजी ने रुपये की गिरावट को कुछ हद तक सहारा दिया।

16 सितंबर को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार सातवें सत्र में कमजोर हुआ। यह 7 पैसे गिरकर 95.95 रुपये (अस्थायी) पर बंद हुआ। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स 332.63 अंक और निफ्टी 99 अंक बढ़कर बंद हुए।
विज्ञापन


रुपया बुधवार को विदेशी पूंजी निकासी और डॉलर की मजबूती के कारण कमजोर हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार की मजबूती ने रुपये की गिरावट को सीमित रखा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.89 पर खुला। यह 95.85 से 95.98 के दायरे में रहा। मंगलवार को रुपया 34 पैसे गिरकर 95.88 पर बंद हुआ था। 4 सितंबर के बंद स्तर 94.43 के बाद पिछले पांच सत्रों में यह 113 पैसे से अधिक कमजोर हुआ।

रुपये पर क्यों बढ़ा दबाव?

मीराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि डॉलर में मजबूती से रुपये में गिरावट आई। यह अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के निर्णय से पहले हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में वृद्धि ने भी रुपये पर दबाव डाला। 

आयातकों द्वारा डॉलर की मांग बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। हालांकि, घरेलू बाजार की मजबूती ने रुपये की गिरावट को संभाला। डॉलर सूचकांक 0.04 फीसदी बढ़कर 99.38 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बाजार उम्मीदों के बीच डॉलर को मजबूती मिली।

कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आया उछाल?

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 107.51 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के भड़कने से तेल कीमतों में उछाल आया। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जहाजरानी और बुनियादी ढांचे पर हमले किए। व्यापारियों को आशंका है कि यह बढ़ता संघर्ष लाल सागर से सऊदी तेल निर्यात को बाधित कर सकता है। इससे वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान की चिंताएं बढ़ गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें