घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को सेंसेक्स 332.63 अंक यानी 0.45 फीसदी बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 99.00 अंक यानी 0.43 फीसदी चढ़कर 23,217.60 पर पहुंच गया।
मीराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि डॉलर में मजबूती से रुपये में गिरावट आई। यह अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के निर्णय से पहले हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में वृद्धि ने भी रुपये पर दबाव डाला।
आयातकों द्वारा डॉलर की मांग बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। हालांकि, घरेलू बाजार की मजबूती ने रुपये की गिरावट को संभाला। डॉलर सूचकांक 0.04 फीसदी बढ़कर 99.38 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बाजार उम्मीदों के बीच डॉलर को मजबूती मिली।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 107.51 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के भड़कने से तेल कीमतों में उछाल आया। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जहाजरानी और बुनियादी ढांचे पर हमले किए। व्यापारियों को आशंका है कि यह बढ़ता संघर्ष लाल सागर से सऊदी तेल निर्यात को बाधित कर सकता है। इससे वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान की चिंताएं बढ़ गई हैं।