पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के फिर से गहराने का सीधा असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। दक्षिणी ईरान में अमेरिका की ओर से किए गए हमलों की खबर ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे सोमवार की सकारात्मक धारणा बदल गई और बाजार में बिकवाली का भारी दबाव हावी हो गया।
मंगलवार के कारोबारी सत्र के अंत में दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई:
बाजार में इस रिवर्सल का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों के सेंटीमेंट में अचानक आया नकारात्मक बदलाव था।
सोमवार को बाजार में जो रिकवरी दिख रही थी, वह अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए हमलों की खबरों के बाद पूरी तरह उलट गई। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच यह डर पैदा कर दिया है कि पश्चिम में संघर्ष लंबा खिंच सकता है। विशेष रूप से तेल और गैस सेक्टर के स्टॉक्स में गिरावट इसी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सीधा परिणाम है।
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतों में 2,800 रुपये की गिरावट आई और यह 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, क्योंकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव ने निवेशकों को अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया।
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले पीले धातु (सोने) की कीमत में 2,800 रुपये की गिरावट आई है और यह 10 ग्राम (सभी करों सहित) 1,62,400 रुपये हो गया है। सोमवार को सोने का भाव बढ़कर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक- कमोडिटीज, सौमिल गांधी ने कहा, "मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई और यह एक सीमित दायरे में ही सीमित रही क्योंकि अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क रखा।"