रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे ब्लू-चिप शेयरों में भारी बिकवाली और भारत के खिलाफ टैरिफ में और वृद्धि करने की अमेरिका की नई चेतावनी की चिंताओं के कारण शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन यानी मंगलावर को गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, टाटा समूह की रिटेल कंपनी के दिसंबर तिमाही में राजस्व वृद्धि से निवेशकों में उत्साह की कमी आने के बाद ट्रेंट के शेयरों में 8.62 प्रतिशत की गिरावट आई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एचडीएफसी बैंक भी पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को लाभ हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पता था कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से मैं खुश नहीं था और वाशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्द टैरिफ बढ़ा सकता है। ट्रंप ने ये टिप्पणियां रविवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कीं।
इस बीच, मंगलवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में कमी आई, क्योंकि नए काम और उत्पादन में विस्तार की दर 11 महीनों में सबसे धीमी हो गई और कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती से परहेज किया। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स नवंबर में 59.8 से गिरकर दिसंबर में 58.0 हो गया, जो जनवरी के बाद से विस्तार की सबसे धीमी दर को दर्शाता है। परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की शब्दावली में, 50 से ऊपर का स्कोर विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर संकुचन को दर्शाता है। सर्वेक्षण के अनुसार, कंपनियां विकास की संभावनाओं को लेकर आशावादी बनी रहीं, लेकिन समग्र भावना लगभग साढ़े तीन वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर गिर गई।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक काफी अधिक बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.28 प्रतिशत बढ़कर 61.93 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक दिन की राहत के बाद सोमवार को 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,764.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 322.39 अंक या 0.38 प्रतिशत गिरकर 85,439.62 पर बंद हुआ। दिन के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई 26,373.20 पर पहुंचने के बाद निफ्टी उस तेजी को बरकरार नहीं रख सका और 78.25 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 26,250.30 पर समाप्त हुआ।