बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को लगातार तीसरे दिन उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी और ब्लू-चिप निजी बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी एच-1बी वीजा शुल्क में भारी बढ़ोतरी से जुड़ी चिंताओं के बीच विदेशी फंडों की निकासी से यह गिरावट आई। मंगलवार को कारोबार के दौरान रुपया 52 पैसे टूटकर 88.82 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निम्न स्तर पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, इटरनल और आईटीसी सबसे ज़्यादा पिछड़े। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बिकवाली से भी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई। हालांकि, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, मारुति और भारतीय स्टेट बैंक लाभ में रहे।
मंगलवार को ऑटो शेयरों में तेजी रही। ऑटोमोबाइल की बुकिंग में तीव्र वृद्धि से ऑटो शेयरों में तेजी आई। अग्रणी कार निर्माता कंपनियों मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया की सोमवार को बंपर बिक्री हुई, जहां खरीदार नई जीएसटी व्यवस्था के तहत कम कीमत पर अपने पसंदीदा मॉडल खरीदने के लिए कतार में खड़े दिखे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर बंद हुआ और अंत में स्थिर रहा, जो समेकन जारी रहने का संकेत है। व्यापक धारणा सतर्क रही और छोटे और मध्यम आकार के शेयर बेंचमार्क से पीछे रहे।"
एशियाई बाजारों में, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सकारात्मक दायरे में बंद हुआ। जापान में शेयर बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। यूरोप के बाजारों में बढ़त देखी गई। सोमवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस बीच, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के बीच
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.45 प्रतिशत बढ़कर 66.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सोमवार को सेंसेक्स 466.26 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 82,159.97 पर बंद हुआ था। निफ्टी 124.70 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 25,202.35 पर बंद हुआ था।