अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर प्रति कर्मचारी करने के फैसले के बाद बढ़ी चिंता के बीच आईटी शेयरों में गिरावट दिखी। इसके असर से सोमवार को बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी फिसलकर बंद हुए। इसके अलावा, ब्लू-चिप रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार मूड बिगाड़ा।
बाजार के अनुमानों के मुताबिक गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी वीजा प्रकारण से जुड़ी अनिश्चितता है। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान आईटी शेयरों के मार्केट कैप में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का सेंध लगने का अनुमान है। एच-1बी वीजा आवेदन शुल्क में भारी वृद्धि के बाद आईटी शेयरों में 3.6% की गिरावट आई। वीजा फीस में बदलाव को अमेरिका में कुशल कर्मचारियों को स्थानांतरित करने की लंबे समय से चली आ रही प्रथा के लिए खतरा माना जा रहा है। इंफोसिस , टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज , टेक महिंद्रा और विप्रो में के शेयरों में 2.2% से 3.1% तक की गिरावट आई आई। इन शेयरों के कारण निफ्टी 50 पर सबसे अधिक दबाव बना। फार्मास्यूटिकल शेयरों में 1.4% की गिरावट आई।
हालांकि, इटरनल, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट लाभ में रहे। राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत अमेरिका में रहने और काम करने के लिए भारत सहित अन्य देशों से काम करने वाले कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए जरूरी वीजा पर शुल्क बढ़ा दिया गया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का एच-1बी वीजा शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा।