लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को शेयर बााजार हरे निशान पर बंद हुआ। मजबूत मैक्रो डेटा के बाद आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में मूल्यवान खरीदारी के चलते बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत का उछाल हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस प्रमुख लाभ में रहीं। वहीं सन फार्मा, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाइटन पिछड़ने वालों में शामिल रहे।
भारत की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की दर से बढ़ी, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार है। यह वृद्धि अनुमान से बेहतर रही है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में लगाए गए टैरिफ अब भारत के निर्यात, खासकर वस्त्र उद्योग, पर खतरा पैदा कर सकते हैं और भविष्य की विकास गति पर असर डाल सकते हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही। यह अनुमान से अधिक है। इससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
एशियाई बाजारों में शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार अधिकतर ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.92 प्रतिशत बढ़कर 68.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 11,487.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 270.92 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 79,809.65 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 74.05 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,426.85 पर बंद हुआ।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अनिश्चितताओं और आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने के बीच सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 88.19 (अनंतिम) के सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि रुपया आज सुबह कमजोरी के साथ खुला और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के कारण अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 88.33 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।