हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को उतार-चढाव के बाद भारतीय बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। घरेलू और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले ब्लू-चिप बैंक शेयरों और सतर्कता के चलते यह गिरावट आई। निवेशकों की नजर 15 अगस्त को होने वाली अमेरिका-रूस वार्ता पर भी है।
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30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 368.49 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 80,235.59 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 833.31 अंक के उतार-चढ़ाव के साथ 80,997.67 के उच्च स्तर और 80,164.36 के निम्न स्तर तक गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 97.65 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 24,487.40 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल?
सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं मारुति, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एनटीपीसी प्रमुख लाभ में रहीं।
यूरोपीय बाजार में रहा मिला-जुला प्रदर्शन
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोपीय बाजार मिश्रित रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव 0.18 प्रतिशत बढ़कर 66.75 डॉलर रहा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत बढ़कर 66.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,202.65 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। सोमवार को सेंसेक्स 746.29 अंक या 0.93 प्रतिशत बढ़कर 80,604.08 पर बंद हुआ। निफ्टी 221.75 अंक या 0.91 प्रतिशत चढ़कर 24,585.05 पर बंद हुआ।