भू-राजनीतिक तनाव कम होने से बढ़ते आशावाद के बीच भारतीय बाजारों में मजबूती दिखी। गुरुवार को बाजार में भारी वजन रखने वाले एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे बढ़कर 85.68 (अनंतिम) पर बंद हुआ।
तीन दिनों की तेजी के दौरान निवेशकों की संपत्ति 9.70 लाख करोड़ रुपये बढ़ गयी। बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण तीन दिनों में 9,70,200.71 करोड़ रुपये बढ़कर 4,57,52,700.57 करोड़ रुपये (5.34 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया। बीएसई में 2,097 शेयरों में तेजी आई, 1,900 में गिरावट आई और 156 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा और स्मॉलकैप सूचकांक 0.12 प्रतिशत बढ़ा। बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में धातु (2.28 प्रतिशत), तेल एवं गैस (1.88 प्रतिशत), ऊर्जा (1.68 प्रतिशत), कमोडिटीज (1.39 प्रतिशत), वित्तीय सेवाएं (1.25 प्रतिशत), यूटिलिटीज (1.24 प्रतिशत) और बिजली (1.13 प्रतिशत) में उछाल आया। दूसरी ओर, आईटी, रियल्टी और बीएसई-केंद्रित आईटी पिछड़ गए।
लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा कि धातु शेयरों में मजबूती और भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी आने से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में बढ़त जारी रही। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और वृहद आर्थिक संकेतकों के स्थिर होने से व्यापक बाजार में विश्वास लौटता दिख रहा है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी और भारतीय 10-वर्षीय बॉडों के बीच प्रतिफल अंतर कम होने के कारण एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी कम करना जारी रखा। तरलता की स्थिति में सुधार और घरेलू खपत में तेजी के कारण घरेलू संस्थागत निवेशक शुद्ध खरीदार के रूप में उभरे।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, अडानी पोर्ट्स, इटरनल, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे। इसके विपरीत, ट्रेंट, भारतीय स्टेट बैंक, टेक महिंद्रा, मारुति और महिंद्रा एंड महिंद्रा पिछड़ गए।
एशियाई बाजारों में, जापान का निक्केई 225 सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुआ। मध्य सत्र में यूरोपीय बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार मिलेजुले रुख पर बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत बढ़कर 67.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,427.74 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,372.96 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 700.40 अंक या 0.85 प्रतिशत उछलकर 82,755.51 पर बंद हुआ। निफ्टी 200.40 अंक या 0.80 प्रतिशत चढ़कर 25,244.75 पर बंद हुआ।