ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम उल्लंघन की खबरों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसके बाद मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी तेज बढ़त गंवा दी। सुबह के कारोबार में बाजारों में तेजी से उछाल आया, पश्चिम एशिया संघर्ष में संभावित कमी की उम्मीद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और टाइटन सर्वाधिक लाभ में रहे। इसके विपरीत, पावर ग्रिड, ट्रेंट, एनटीपीसी, मारुति, एचसीएल टेक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पिछड़ गए।
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र सुधार के बाद कच्चे तेल के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की तेल विपणन कंपनियों, विमानन, पेंट्स और एडहेसिव्स के शेयरों में मंगलवार को उछाल आया। बीएसई पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के शेयर में 3.24 प्रतिशत, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में 2.04 प्रतिशत तथा भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के शेयर में 1.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 2.55 प्रतिशत तथा स्पाइसजेट के शेयरों में 2.15 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कंसाई नेरोलैक पेंट्स में 1.82 प्रतिशत, शालीमार पेंट्स में 1.80 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 0.48 प्रतिशत और इंडिगो पेंट्स में 0.38 प्रतिशत की बढ़त रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि युद्ध विराम की घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र गिरावट के कारण घरेलू बाजार में हुई शुरुआती बढ़त अल्पकालिक रही। पश्चिम एशिया में नए भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों की धारणा अस्थिर हो गई। हालांकि, बाजार ने आखिर में खुद को संभाल लिया।
बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.71 प्रतिशत तथा मिडकैप सूचकांक 0.54 प्रतिशत चढ़ा। बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में सेवा (2.13 प्रतिशत), दूरसंचार (1.13 प्रतिशत), कमोडिटी (1.12 प्रतिशत), धातु (0.96 प्रतिशत), वित्तीय सेवाएं (0.81 प्रतिशत), बैंकेक्स (0.72 प्रतिशत) और ऑटो (0.62 प्रतिशत) में तेजी रही। दूसरी ओर, आईटी, तेल एवं गैस, टेक तथा बीएसई फोकस्ड आईटी पिछड़ गए।
अदाणी समूह के सभी 10 सूचीबद्ध शेयरों में मंगलवार को बढ़त दर्ज की गई, जिसमें अंबुजा सीमेंट्स में 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिस दिन समूह ने अपनी वार्षिक आम बैठक आयोजित की। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार को कहा कि समूह अगले पांच वर्षों में अपने कारोबार में रिकॉर्ड 15-20 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है, ताकि विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जा सके। उन्होंने समूह की मजबूत बैलेंस शीट और मजबूत कारोबार का बखान करते हुए कहा कि इससे समूह पर लगातार हो रही जांच को नजरअंदाज किया जा सकेगा।
वोडाफोन आइडिया के शेयर मंगलवार को 4.89 प्रतिशत उछलकर 6.87 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। यह खबर आई थी कि सरकार 84,000 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये पर दूरसंचार कंपनी को राहत देने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग उल्लेखनीय रूप से ऊपर बंद हुए। मध्य सत्र के कारोबार में यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.20 प्रतिशत गिरकर 69.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,874.38 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,591.77 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। सोमवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 511.38 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,896.79 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 140.50 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 24,971.90 अंक पर बंद हुआ।