पश्चिम एशिया में हर दिन बढ़ रहे तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर लगातार छठे दिन भी जारी रहा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में बढ़त हासिल करने के बावजूद बाजार के प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 638.45 (0.78%) अंकों की गिरावट के साथ 81,050.00 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 218.85 (0.87%) अंक फिसलकर 24,795.75 पर पहुंच गया।
छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 4,786 अंक फिसला
चीन की ओर से पिछले हफ्ते वैश्विक निवेशकों को लुभाने के लिए किए गए एलानों के बाद भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 37,000 करोड़ रुपये बाहर निकाले हैं। इसके बाद पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 4,786 अंक फिसल गया।
शुरुआती बढ़त के बावजूद टूटा बाजार
सोमवार को एनएसई निफ्टी और बीएसई सेंसेक्स 0.3% की बढ़त के साथ खुले, पर धीरे-धीरे बाजार पर बिकवाली हावी हो गई। इस दौरान निफ्टी 24,694 अंकों और सेंसेक्स 80,726 अंकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप सोमवार को 8.8 लाख करोड़ घटकर 452.08 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार में रुझान खरीदारी का बना रहा। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों में 3,422 शेयर बढ़त के साथ जबकि 635 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 121 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
अदाणी पोर्ट्स और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स के शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, एसबीआई और पावर ग्रिड के शेयरों में 3 से चार प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और ये सूचकांक के टॉप लूजर्स रहे। दूसरी ओर, एमएंडएम, आईटीसी, भारती एयरटेल, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स 6.74% की बढ़त के साथ सोमवार को 15.08 पर पहुंच गया।
स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी गिरावट
व्यापक बाजार की बात करें तो घरेलू परिस्थितियों पर आधारित निफ्टी स्मॉलकैप100 और मिडकैप100 सूचकांक क्रमश: 2.75% और 2 प्रतिशत तक टूट गए। हालांकि, क्षेत्रवार देखें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.66% मजबूत हुआ और हरे निशान पर बंद होने वाला अकेला प्रमुख सेक्टर रहा। आईटी शेयरों में तेजी अमेरिका में रोजगार के मजबूत आंकड़े सामने आने के बाद आई है। इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका कम हुई है।
रुपये में डॉलर के मुकाबले मामूली नरमी
विदेशी फंड्स की बिकवाली और घरेलू बाजार में कमजोर रुझानों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त गंवाकर 83.99 रुपये के स्तर पर लगभग स्थिर रहकर बंद हुआ। मुद्रा कारोबारियों के अनुसार क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में इस्राइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा। इंटर बैंक फॉरेन एक्सचेंज पर रुपया 83.96 के स्तर पर खुला और 83.95 के हाई और 83.99 के निचले स्तर के बीच कारोबार करते हुए 83.99 रुपये पर बंद हुआ।