2023 में लगातार नए कीर्तिमान गढ़ रहा भारतीय शेयर बाजार साल के आखिरी कारोबारी दिन ऑल टाइम हाई से फिसलकर बंद हुआ। मिलेजुले वैश्विक और घरेलू संकेतों के बीच निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। शुक्रवार को सेंसेक्स 170.12 (0.23%) अंक फिसल कर 72,240.26 अंकों के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 47.30 (0.22%) अंक टूटकर 21,731.40 के स्तर पर बंद हुआ। शुक्रवार के कारोबारी सीजन के दौरान निफ्टी में बीपीसीएल और स्टेट बैंक के शेयर सबसे ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं टाटा कंज्यूमर्स और टाटा मोटर्स के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
एक साल में 11,399 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी 20% चढ़ा
सेंसेक्स ने 2023 का अंत 11,399 अंकों की तेजी के साथ किया है, जबकि निफ्टी की 20% की तेजी ने ब्लूचिप योद्धाओं पर एफओएमओ के दबाव को कम कर दिया है। ये कंपनियां स्मॉलकैप और एसएमई शेयरों में पैसे दोगुना करने की दौड़ में खुदरा निवेशकों से पीछे रह गए। बीएसई में सूचीबद्ध सभी शेयरों का बाजार पूंजीकरण 81.6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 364 लाख करोड़ रुपये हो गया। 4 ट्रिलियन डॉलर के बाजार पूंजीकरण का आंकड़ा पार करने के बाद, भारत हांगकांग को पीछे छोड़ने और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इक्विटी बाजार बनने के लिए तैयार है।
डॉलर के मुकाबले सपाट बंद हुआ रुपया
आयातकों की ओर से महीने के अंत में डॉलर की मांग बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83.20 (अस्थायी) पर स्थिर रहते हुए बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 83.14 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 83.10 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर को छूने के बाद 83.22 रुपये प्रति डॉलर के निम्नतम स्तर पर पहुंचा। स्थानीय इकाई आखिरकार डॉलर के मुकाबले 83.20 (अनंतिम) के बंद स्तर पर बंद हुई। गुरुवार को भी यह इसी स्तर पर बंद हुई थी। गुरुवार को घरेलू मुद्रा में 14 पैसे की तेजी आई थी।