अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का एलान दुनिया के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार के लिए भी राहत लेकर आया। बुधवार को घरेलू बेंचमार्क सूचकांक लंबी छलांग लगाकर बंद हुए। लगातार पांचवें दिन तेजी दर्ज करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत बढ़कर 77,562.90 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, इसमें 3,018.96 अंक या 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 77,635.54 पर पहुंच गया।
अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम, तेल की कीमतों में भारी गिरावट और अन्य अनुकूल कारकों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 3.5% से अधिक की तेजी आई और लगातार पांचवें सत्र में बढ़त दर्ज की गई। इस तेज उछाल से बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 16.59 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिससे यह बढ़कर 446 लाख करोड़ रुपये हो गया। बुधवार के कारोबारी सत्र के बाद बाजार के सभी प्रमुख सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 13.89 प्रतिशत गिरकर 94.09 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी 6.87 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.39 प्रतिशत बढ़ा। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी तेजी से ऊपर चढ़े। यूरोपीय बाजारों में काफी तेजी देखी गई। मंगलवार को अमेरिकी बाजार स्थिर रुख के साथ बंद हुए।
रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख बेंचमार्क दर को अपरिवर्तित रखते हुए तटस्थ रुख अपनाने के बाद, रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे मजबूत होकर 92.59 (अस्थायी) पर बंद हुआ। फॉरेक्स व्यापारियों ने कहा कि गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद निवेशकों की भावना को बल मिला कि फॉरेक्स पर उठाए गए कदम संरचनात्मक परिवर्तन नहीं हैं।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, "युद्धविराम की घोषणा से डर और जोखिम से बचने की भावना में भारी कमी आई है, जिससे भारत का अस्थिरता सूचकांक 20 प्रतिशत से अधिक गिर गया है, जो अनिश्चितता में तेजी से कमी का संकेत देता है। यह सकारात्मक भावना वैश्विक बाजारों में भी दिखाई दी, क्योंकि अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई सूचकांकों में व्यापक सुधार हुआ, जिससे मौजूदा तेजी की मजबूती और बढ़ गई।" उन्होंने कहा कि युद्धविराम से संबंधित घटनाक्रमों पर ऊर्जा बाजारों ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की।
बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 8,692.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,979.50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अंतरिम युद्धविराम को व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से भारत को तत्काल लाभ हुआ है, जिससे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर से नीचे आ गई हैं और वित्त वर्ष 2027 के ईपीएस वृद्धि के लिए नकारात्मक जोखिम कम हो गए हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि सकारात्मक भावना में आए तीव्र सुधार के कारण 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में उल्लेखनीय गिरावट आई है और रुपये में मजबूती आई है, जबकि आरबीआई के यथास्थितिवादी रुख ने वित्तीय क्षेत्र को और अधिक समर्थन दिया है। मंगलवार को सेंसेक्स 509.73 अंक या 0.69 प्रतिशत बढ़कर 74,616.58 पर बंद हुआ। निफ्टी 155.40 अंक या 0.68 प्रतिशत चढ़कर 23,123.65 पर समाप्त हुआ।