शेयर के बंपर लिस्टिंग की उम्मीद थी। लेकिन आईपीओ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर करीब 13 फीसदी डिस्काउंट के साथ सेटल हुआ।
BSE पर 658 रुपये के भाव पर हुई लिस्टिंग
775 रुपये के प्राइस बैंड वाले भारतीय स्टेट बैंक कार्ड्स के शेयर की लिस्टिंग बीएसई पर 658 रुपये के भाव पर हुई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर भी यह डिस्काउंट के साथ 661 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ। जबकि विशेषज्ञों ने करीब 50 फीसदी लिस्टिंग गेन की उम्मीद जताई थी।
आईपीओ को 26.5 गुना तक बोलियां
मालूम हो कि बिडिंग के अंतिम दिन तक एसबीआई कार्ड के आईपीओ को 26.5 गुना तक बोलियां मिली थीं। इस आईपीओ से कंपनी ने 9,000 से 10,000 करोड़ रुपये की रकम जुटाने की उम्मीद जताई थी। दो मार्च को खुलने के बाद आईपीओ का बिडिंग प्रोसेस पांच मार्च को बंद हुई थी। एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज ने आईपीओ के लिए प्रति इक्विटी शेयर 750-755 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। इस ऑफर में एक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये थी। इस आईपीओ में 19 शेयरों का एक मार्केट लॉट है। अर्थात निवेशक न्यूनतम 19 शेयरों के लिए बोली लगा सकते थे।
कंपनी लाई 13,05,26,798 इक्विटी शेयर
कंपनी ऑफर फॉर सेल के तहत बाजार में 13,05,26,798 इक्विटी शेयर लाई। इन शेयरों में से 3,72,93,371 शेयरों तक की बिक्री एसबीआई ने की और 9,32,33,427 शेयर कार्लाइल ग्रुप ( CA Rover ) ने बेचे।
एसबीआई कार्ड्स में एसबीआई की 76 फीसदी हिस्सेदारी
एसबीआई कार्ड्स में एसबीआई की हिस्सेदारी 76 फीसदी है। वहीं बाकी की हिस्सेदारी कार्लाइल ग्रुप के पास है। इस आईपीओ के बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, डीएसपी मेरिल लिंच, नोमूरा फाइनेंशल अडवाइजरी, एचएसबीसी सिक्योरिटीज और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स हैं।
इनके लिए आरक्षित थे इतने शेयर
आईपीओ में 18.65 लाख शेयर एसबीआई कार्ड्स के कर्मचारियों और 130.53 लाख शेयर एसबीआई के शेयरधारकों के लिए आरक्षित थे। वहीं एंकर निवेशकों के लिए 3,66,69,590 शेयर, क्यूआईबी के लिए 2,44,46,393 शेयर, एनआईआई के लिए 1,83,34,795 शेयर और आरआईआई के लिए 4,27,81,188 शेयर आरक्षित रखे गए थे। बता दें कि कंपनी के कर्मचारियों को 15 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट भी दिया जा रहा था।
कार्ड जारी करने वाली यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
भारतीय रिजर्व बैंक ( आरबीआई ) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजार में एचडीएफसी बैंक के सबसे अधिक यानी 133 लाख क्रेडिट कार्ड हैं। एचडीएफसी बैंक के बाद कार्ड जारी करने वाली एसबीआई कार्ड्स दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसके पास 18 फीसदी मार्केट शेयर हैं। एसबीआई कार्ड्स के 94.6 लाख कार्ड हैं। 79 लाख क्रेडिट कार्ड के साथ आईसीआईसीआई बैंक तीसरे स्थान पर है। बीते तीन वर्षों में भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च में सालाना 35.6 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई है। वहीं क्रेडिट कार्ड बकाए में 25.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।