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सऊदी अरब की जीडीपी से ढाई गुना ज्यादा हुआ अरामको का बाजार पूंजीकरण

Thu, 12 Dec 2019 03:08 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने एक नया मुकाम हासिल किया है। अरामको सबसे ज्यादा बाजार पूंजीकरण वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई है। गुरुवार को सऊदी अरामको का बाजार पूंजीकरण दो ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 142 लाख करोड़ रुपये हो गया। 142 लाख करोड़ रुपये का यह आंकड़ा सऊदी अरब की जीडीपी से ढाई गुना ज्यादा है। सऊदी अरब की जीडीपी 779.29 अरब डॉलर है। 

10 फीसदी बढ़ा अरामको का शेयर

गुरुवार को सऊदी अरामको के शेयर में 10 फीसदी की बढ़त आई, जिसके बाद यह 38.70 रियाल यानी 10.32 डॉलर पर खुला। शेयर में आई बढ़त से कंपनी की बाजार हैसियत दो ट्रिलियन डॉलर हो गई। 

एपल और अमेजन के कुल मार्केट कैप के है बराबर

खास बात ये है कि दो ट्रिलियन डॉलर का यह आंकड़ा एपल और अमेजन के कुल मार्केट कैप के बराबर है। एपल का बाजार पूंजीकरण 1,190 बिलियन डॉलर है और अमेजन का 867 बिलियन डॉलर। 

मार्केट कैप के लिहाज से ये हैं दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां

कंपनी मार्केट कैप (रुपये में)
सऊदी अरामको 142 लाख करोड़
एपल 84.49 लाख करोड़
माइक्रोसॉफ्ट 81.65 लाख करोड़
अल्फाबेट 65.82 लाख करोड़
अमेजन 61.55 लाख करोड़

2018 में कमाया था 111 अरब डॉलर का लाभ 

साल 2018 में कंपनी ने 111 अरब डॉलर का लाभ कमाया था। ये एपल और गूगल की कंपनी एल्फाबेट के कुल सालाना लाभ से भी अधिक है। बता दें कि अक्तूबर माह में अरामको के आईपीओ में थोड़ा विलंब हुआ था। हाल ही में सऊदी अरामको के क्रूड ऑयल फैसिलिटी सेंटर्स पर ड्रोन हमला हुआ था। जिसकी वजह से 28 साल बाद कच्चे तेल में एक दिन की सबसे ज्यादा तेजी आई थी। 

तेल पर निर्भरता कम करना चाहता है सऊदी अरब

दरअसल सऊदी अरब अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता को कम करना चाहता है। आईपीओ लाने के पीछे सऊदी राजघराने के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुधारों को बढ़ाने की सोची समझी रणनीति है। साल 2016 में पहली बार मोहम्मद बिन सलमान ने आईपीओ बनाए जाने के बारे में घोषणा की थी। सलमान आईपीओ से पहले ही अरामको का वैल्यूएशन दो ट्रिलियन डॉलर चाहते थे।

ये थी कंपनी की योजना

आईपीओ के जरिए अरामको की पांच फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री करने की योजना थी। योजना के अनुसार, कंपनी करीब पांच फीसदी शेयर दो चरणों में बेचने के बारे में सोच रही थी। इसमें से दो फीसदी शेयर सऊदी अरब शेयर मार्केट में और बाकी के तीन फीसदी शेयर ओवरसीज मार्केट में बेचने की तैयारी थी। लेकिन बाद में कंपनी ने ओवरसीज मार्केट में लिस्टिंग का प्लान छोड़ दिया। 
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