चीन द्वारा अपनी मुद्रा युआन का लगातार तीसरे तीसरे दिन अवमूल्यन किए जाने का प्रतिकूल असर भारत के रुपये पर भी देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को मुद्रा बाजार में कारोबार के दौरान रुपये का भाव गिरावट का शिकार होकर 65 रुपये प्रति डॉलर तक चला गया। यह यूपीए-2 के कार्यकाल के दौरान सितंबर 2013 में इस स्तर पर था। रुपये में गिरावट का दौर थमने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मची उठा-पटक के बीच एशियाई मुद्राओं के बीच लगातार तीसरे दिन जंग सी छिड़ी नजर आई। पिछले कारोबारी सत्र में 64.72 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ रुपया बृहस्पतिवार को बाजार खुलने पर मिली शुरुआती तेजी को बरकरार नहीं रख सका और जल्द ही एक बार फिर से गिरावट की चपेट में आ गया।
कारोबार के दौरान यह 65 रुपये का स्तर पार करते हुए 20 माह के निचले स्तर तक पहुंच गया। बैंकों और आयातकों की ओर से डॉलर की ताजा मांग आने के बाद रुपया 64.63 से लेकर 64.99 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में घूमता दिखा।