दिग्गज अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने मुकेश अंबानी के नेतृव वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर यानी 43,574 करोड़ रुपये निवेश का करार किया। इसके बाद बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के शेयरों में आठ फीसदी से ज्यादा का उछाल आया।
रिलायंस को कर्ज कम करने में मिलेगी मदद
मालूम हो कि इस सौदे से रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और फेसबुक की भारत में स्थिति और मजबूत होगी। उसके लिए उपयोगकर्ता आधार के लिहाज से भारत इस समय सबसे बड़ा बाजार है। आरआईएल ने अपने कर्ज को कम करने के प्रयासों के तहत फेसबुक के साथ यह सौदा किया है।
सऊदी अरामको के साथ भी चल रही रिलायंस की बात
रिलायंस अपने व्यवसायों में रणनीतिक भागीदारी की तलाश कर रही है। समूह अपने तेल-रसायन कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए सऊदी अरामको के साथ बातचीत भी कर रही है। समूह ने अगले साल तक कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य तय किया है।
दोनों के लिए फायदेमंद है सौदा
ताजा सौदा जियो और फेसबुक दोनों के लिए फायदेमंद है क्योंकि चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है। आरआईएल ने कहा कि इस सौदे के लिए अभी नियामक और अन्य मंजूरियां मिलनी बाकी हैं।
इसपर मुकेश अंबानी ने कहा है कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी। अंबानी ने लंबी अवधि के लिए पार्टनर के रूप में फेसबुक का स्वागत किया।
तीन करोड़ दुकानदारों को मिलेगा फायदा
जियो मार्ट और जियो के नए डिजिटल बिजनेस प्लेटफॉर्म को व्हाट्सएप का साथ मिलने पर इसका फायदा मिलेगा। तीन करोड़ दुकानदारों को इसका फायदा मिलेगा। इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को जल्दी और अच्छा डिजिटल ट्रांजेक्शन प्लेटफॉर्म मिल जाएगा। यानी ग्राहक घर के पास की स्थानीय दुकानों से हर रोज आसानी से सामानों की डिलीवरी और ऑर्डर कर सकेंगे।