1992 में शुरू हुए जीटीवी समूह को डूबने से बचाने के लिए मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो आगे आ सकती है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जियो ऐसेल समूह की आधे से ज्यादा हिस्सेदारी खरीद सकता है।
तीन महीने का समय
जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा के पास फिलहाल 3 महीने का समय है, जिसके दौरान वो अपनी हिस्सेदारी को बेच सकते हैं। जी ग्रुप की हिस्सेदारी खरीदने के लिए अमेजन, एप्पल, टेनसेंट और अलीबाबा के अलावा एटीएंडटी, सिंगटेल, कोमकास्ट व सोनी पिक्चर्स नेटवर्क भी रूचि दिखा रहे हैं। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज लिमिटेड के प्रमोटर्स अपनी 50 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने जा रहे हैं।
1992 में शुरू हुआ था सफर
राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा ने 1992 में जीटीवी की शुरुआत की थी। तब यह भारत का पहला स्वदेशी निजी सैटेलाइट चैनल था। इसके बाद जी ग्रुप के आज 55 से अधिक राष्ट्रीय व विभिन्न भाषाओं के चैनल हैं।
डिश टीवी के शेयरों में 3 फीसदी की गिरावट
जी समूह की डीटीएच कंपनी डिश टीवी के शेयरों में सोमवार को 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। वहीं जी एंटरटेनमेंट का शेयर भी काफी गिर गया है। हालांकि निवेशकों ने कंपनी को भरोसा दिया है कि वो इसको दिवालिया घोषित नहीं करेंगे।
एस्सेल समूह ने रविवार को कहा कि आर्थिक संकट का सामना कर रहे समूह के प्रवर्तकों पर जिन कर्जदाताओं का 13 हजार करोड़ रुपये बकाया है, वे कंपनी के शेयर गिरवी रखकर लिये गये कर्ज को डिफॉल्ट घोषित नहीं करेंगे।
दो दिन पहले ही कंपनी के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने खुलासा किया था कि वह वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने शेयर के दामों पर असर के लिए ‘नकारात्मक ताकतों’ को जिम्मेदार ठहराया था। एस्सेल समूह के अधिकारियों की रविवार को म्यूचुअल फंड तथा गैर-बैंकिंग कर्जदाताओं के साथ बैठक हुई जिसमें सहमति बनी कि कर्ज को डिफॉल्ट घोषित नहीं किया जाएगा।