सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का शुद्ध लाभ मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में 31 फीसदी घटकर 4,045 करोड़ रुपये पर आ गया है। कंपनी को चौथी तिमाही के दौरान उत्पादन में कमी के साथ-साथ दाम में गिरावट का भी खामियाजा भुगतना पड़ा।
पांच फीसदी घटा कंपनी का तेल उत्पादन
कंपनी ने विज्ञप्ति में कहा कि पिछले वर्ष इसी तिमाही में उसका मुनाफा 5,915 करोड़ रुपये था, जो अब 4,045 करोड़ रुपये रह गया है। इस दौरान कंपनी का तेल उत्पादन पांच फीसदी घटकर 48 लाख टन रह गया। वहीं कच्चे तेल के दाम भी 3.6 फीसदी घटकर 61.93 डॉलर प्रति बैरल रह गये। इस प्रकार कंपनी को उत्पादन घटने के साथ-साथ दाम भी कम होने का खामियाजा भुगतना पड़ा।
गैस के दाम में हुई 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी
हालांकि, इस दौरान गैस के दाम में 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद ये 3.36 डॉलर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट पर पहुंच गया है। आलोच्य तिमाही के दौरान ओएनजीसी का कुल राजस्व 11.6 फीसदी बढ़कर 26,759 करोड़ रुपये हो गया जो कि एक साल पहले इसी तिमाही में 23,970 करोड़ रुपये रहा था।
शेयरधारकों को मिलेगा इतना लाभांश
ओएनजीसी के निदेशक मंडल ने 2018-19 के लिए कंपनी के शेयरधारकों को 15 फीसदी यानी 0.75 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। यह कंपनी द्वारा पहले दिए गए 125 फीसदी यानी 6.25 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है।
2018-19 में 34 फीसदी उछला कंपनी का शुद्ध लाभ
वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी का शुद्ध लाभ 34 फीसदी उछलकर 26,716 करोड़ रुपये रहा है, जबकि उसका कुल कारोबार 29 फीसदी बढ़कर 1,09,655 करोड़ रुपये रहा है।