साल 2020 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने पिछले साल आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में भी आईपीओ बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। आईपीओ बाजार में हलचल अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनियां इस साल भी आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं।
आज से खुला पावर ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का आईपीओ
पावर ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का आईपीओ आज से खुल गया है। कंपनी ने अपने 7,735 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए बोली का दायरा 99-100 रुपये प्रति यूनिट तय किया है। यह निर्गम तीन मई को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 28 अप्रैल से ही खुल गई है।
किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के इनविट का पहला निर्गम
पावर ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (पावरग्रिड इनविट) का स्वामित्व पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास है। यह किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के इनविट का पहला निर्गम है। आईपीओ में 4,993.48 करोड़ रुपये के ताजा शेयरों की पेशकश की गई है, जबकि इसमें 2,741.50 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश शामिल है।
आईपीओ की लिस्टिंग की तारीख 17 मई 2021 है। शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 10 मई 2021 है, रिफंड डेट 11 मई 2021, डीमैट अकाउंट में शेयर 11 मई 2021 को आएगा। पिछले कारोबारी दिन 220.90 के स्तर पर बंद होने के बाद आज पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का शेयर 223.10 के स्तर पर खुला। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1.16 लाख करोड़ रुपये है।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। मतलब एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।
मालूम हो कि कोविड-19 महामारी के चलते पैदा हुई अनिश्चितता के बावजूद वित्त वर्ष 2020-21 में सार्वजनिक निर्गम और राइट इश्यू के जरिए जुटाए गए धन में क्रमश: 115 फीसदी और 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस दौरान 55 आईपीओ और एक अनुगामी सार्वजनिक पेशकश आया। बयान के मुताबिक वित्त वर्ष में 21 राइट इश्यू आए, जबकि इससे पिछले साल यह आंकड़ा 17 था। मंत्रालय ने कहा कि, '2020-21 के दौरान सार्वजनिक निर्गम और राइट इश्यू के जरिए क्रमश: 46,029.71 करोड़ रुपये और 64,058.61 करोड़ रुपये जुटाए गए, जबकि इससे पिछले साल यह आंकड़ा 21,382.35 करोड़ रुपये और 55,669.79 करोड़ रुपये था।