ज्वैलरी पर एक फीसदी के एक्साइज ड्यृटी लगाने के बजट प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें बताया कि छोटे कारोबारियों पर यह टैक्स नहीं लगेगा। इस बीच कारोबारियों वित्त मंत्री अरुण जेटली से भी मुलाकात की है।
शुक्रवार को वित्त मंत्रालय से जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि यह टैक्स उन्हीं पर लगेगा जो साल में 12 करोड़ रुपये से ज्यादा का करोबार करेंगे। छोटे ज्वैलर्स को इसमें कुछ नहीं देना होगा क्येंकि 12 करोड़ से कम टर्नओवर वाले ज्वैलर्स को एक्साइज ड्यूटी के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्रालय के सपष्टीकरण के बाद भी ज्वैलर्स हड़ताल खत्म करने को राजी नहीं हैं।
उन्होंने पहले तीन दिन के हड़ताल का आह्वान किया था जो कि शुक्रवार को खत्म हो रही था। लेकिन अब इसे बढ़ा कर अगले सोमवार तक कर दिया गया है। इस बीच जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष श्रीधर जीवी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। जेटली ने इस मामले को देखने का आश्वासन दिया है।
इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ ज्वैलरों ने मुलाकात की थी। ज्वैलर्स को प्रधानमंत्री ने इस मामले की समीक्षा का आश्वासन दिया था। श्रीधर ने हड़ताल को 7 मार्च तक बढ़ाने की जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षत्र में एक्साइज ड्यूटी को लागू करना व्यावहारिक तौर पर लागू करने के योग्य नहीं है। यह उद्योग के लिए खराब साबित होगा। इसलिए हड़ताल को बढ़ाकर 7 मार्च तक जारी रखने का फैसला किया गया है।
उल्लेखनीय है कि ज्वैलर्स बीते 2 मार्च को तीन दिन की हड़ताल पर गए थे। यह पहला वाकया नहीं है जबकि ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगी है। इससे पहले तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने यह प्रयास किया था लेकिन बाद में वापस ले लिया गया था।