दाल व प्याज के साथ सरसों के तेल की कीमत भी लगातार तेज होती जा रही है। खुदरा बाजार में ब्रांडेड सरसों तेल के दाम 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं।
हालांकि खाद्य तेल के थोक बाजार में खुले सरसों तेल के भाव 100 रुपये प्रति किलोग्राम बताए जा रहे हैं। बाजार में सरसों की उपलब्धता काफी कम होने की वजह से सरसों तेल के दाम और तेज होने की आशंका है।
घरेलू बाजार में खाद्य तेल के कुल कारोबार में सरसों तेल की हिस्सेदारी 12-13 फीसदी है। पिछले साल दीपावली के दौरान ब्रांडेड सरसों तेल के दाम 90 रुपये प्रति लीटर थे।
सोया तेल की कीमत 65 रुपए प्रति लीटर
खाद्य तेल के थोक कारोबारियों को मुताबिक सरसों तेल खाने वाले अगर सोया व मूंगफली रिफाइंड जैसे तेल का इस्तेमाल करने लगें, तो सरसों तेल की कीमत अपने आप नीचे आ जाएगी, लेकिन दीपावली की वजह से सरसों तेल की मांग अभी तेज बनी हुई है। सोया तेल की कीमत 65 रुपये प्रति लीटर के आसपास चल रही है।
दिल्ली में कच्ची घानी सरसों तेल के खुदरा दाम 135-140 रुपये प्रति लीटर है। वहीं पी मार्क सरसों तेल के खुदरा दाम 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। हालांकि धारा सरसों तेल की कीमत बिग बाजार में 121 रुपये प्रति लीटर रही।
ये है कीमतें बढ़ने की वजह
पी-मार्क सरसों तेल ब्रांड के निर्माता विवेक पुरी के मुताबिक सरसों के उत्पादन में गिरावट की वजह से तेल के दाम में तेजी जारी है। सरसों उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले इस साल 30 फीसदी की गिरावट रही। वहीं बारिश की कमी को देखते हुए सरसों की बुआई प्रभावित हो सकती है।
पुरी ने कहा कि सरकार को सरसों की फसल के साथ वैसा ही बर्ताव करना चाहिए जैसा मलयेशिया में पाम ऑयल के साथ किया जाता है। तब जाकर सरसों आयातित तेल का विकल्प बन सकता है।
खाद्य तेल के थोक विक्रेता सत्यनारायण गुप्ता के मुताबिक सरसों तेल तो दाम के लिहाज से अभी मूंगफली तेल से भी आगे निकल गया है, लेकिन लोग अगर सोया का इस्तेमाल बढ़ा दें तो सरसों तेल की कीमत भी नीचे आ जाएगी। हालांकि वह यह भी कहते हैं कि सारा खेल मांग व पूर्ति का है। बाजार में सरसों की भारी कमी से कई निर्माताओं ने अभी तेल बनाना बंद कर दिया है।