इंटरपोल ने शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ वैश्विक गिरफ्तारी वारंट जारी करने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं। मालूम हो कि ईडी को 900 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में माल्या की तलाश है।
अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक पुलिस इकाई इंटरपोल ने ईडी से इस मामले में की गई कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके बाद ही इंटरपोल माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का निर्णय करेगा। आईडीबीआई बैंक के कथित कर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच ईडी के अलावा सीबीआई भी कर रही है।
ईडी के सूत्रों ने कहा, ‘इंटरपोल ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं जो कि माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अतिरिक्त ब्यौरा उपलब्ध कराने को लेकर हैं। इंटरपोल ने ईडी के माल्या के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अनुरोध से इनकार नहीं किया है। स्पष्टीकरण की मांग का जवाब दिया जाएगा।’
उन्होंने कहा कि कई मामलों में इंटरपोल सूचना मांगता है जैसे ललित मोदी के मामले में। ईडी को उम्मीद है कि इन मामलों में वह इंटरपोल को संतुष्ट करेगा। ईडी ने माल्या के खिलाफ पहली बार रेड कॉर्नर नोटिस की मांग पिछले महीने की थी ताकि वह व्यक्तिगत तौर पर जांच में सहयोग कर सकें।