राष्ट्रीय राजधानी में सोना 278 रुपये मजबूत होकर 46,013 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में हुए सुधार से घरेलू सर्राफा बाजार को बल मिला है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार हालांकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में तेजी से मूल्यवान धातु के दाम में तेजी पर अंकुश लगा है।
सोना पिछले कारोबार में 45,735 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार चांदी की कीमत भी 265 रुपये बढ़कर 68,587 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी दिवस में चांदी की कीमत 68,322 रुपये पर बंद हुई थी।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा कि दिल्ली में 24 कैरेट सोने का हाजिर मूल्य 278 रुपये मजबूत हुआ। रुपये की विनिमय दर में तेजी के बावजूद वैश्विक बाजारों में मूल्यवान धातु के दाम बढ़ने से घरेलू बाजार में सोना मजबूत हुआ।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर सोमवार को 16 पैसे मजबूत होकर 72.49 पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,774 डॉलर प्रति औंस जबकि चांदी की कीमत 26.94 डॉलर प्रति औंस पर बोली गई।
जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 45 फीसदी बढ़ा निवेश
भारत में, जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में 625 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जो इससे पिछले महीने के मुकाबले 45 फीसदी ज्यादा था। निवेशकों को उम्मीद है कि आगे जाकर सोने का बाजार अच्छा रहेगा। साझा कोष कंपनीयों के संघ एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक स्वर्ण ईटीएफ में निवेश दिसंबर के अंत में 14,174 करोड़ रुपये के मुकाबले जनवरी के अंत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,481 करोड़ रुपये हो गया। नवंबर 2020 में इस तरह की योजनाओं से 141 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी। दिसंबर में इसे 431 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश देखने को मिला। मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक- शोध मैनेजर, हिमांशु श्रीवास्तव, ने कहा कि सोने की कीमतें पिछले साल अगस्त में हुए गए सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आ गई हैं। जनवरी के महीने में भी इसकी कीमतों में काफी गिरावट आई है।
बीते साल 35 फीसदी से अधिक घटी सोने की मांग
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसदी से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ती सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में इस साल 2021 में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद है।